रेलवे ने ट्रेनों के पुराने कोचों को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई है। उत्कृष्ट नामक योजना के तहत परंपरागत कोच को फिर से सजाया और संवारा जाएगा। इसमें प्रति कोच तीन लाख रुपये का खर्च आएगा। स्वर्ण योजना के तहत प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, शताब्दी ट्रेनों के लिंक हॉफ मैन बुश (एलएचबी) कोच को कई आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया गया है।
अब उत्कृष्ट योजना के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) वाले परंपरागत कोच को भी आरामदायक बनाया जाएगा। इन कोच का डिजाइन के साथ रंग भी अलग होगा। अमूमन लाल व नीले रंग में दिखने वाले ये कोच पीले रंग में होंगे और इन पर लाल रंग की पट्टी होगी। उत्कृष्ट योजना के तहत नई खूबियों में कोच के इंटीरियर डेकोरेटिंग में विनायल रैपिंग की जाएगी। आने-जाने वाले गलियारे को चमकदार बनाया जाएगा।
बेहतर शौचालय और मनोरंजन की व्यवस्था होगी। गेट पर सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा कई और बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कोच से लैस ट्रेन को समय पर संचालित करने, स्वच्छता, लिनन, कोच इंटीरियर, शौचालय, खानपान, कर्मचारियों का व्यवहार, सुरक्षा, मनोरंजन, हाउस कीपिंग और नियमित रूप से फीड बैक पर ध्यान दिया जाएगा।
इसके साथ ही रात के वक्त अंधेरे में भी बर्थ नंबर ठीक से दिखाई दे, ऊपर वाले बर्थ पर जाना आसान हो, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। उत्तर रेलवे के बेड़े में जल्द ही 105 उत्कृष्ट कोच शामिल किया जाएगा।