हाल में ही देश के कई हिस्सों में ट्रेनों से मवेशियों को कुचले जाने की लगातार खबरें सामने आईं है। अब रेलवे ने एनएचएआई क्रैश बैरियर और पॉलि-एथिलीन के साथ बांस से बनी एक बाड़ डिजाइन पर ध्यान केंद्रित किया है।
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रेलवे ने उत्तर पश्चिम रेलवे और पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर उन्हें प्रमुख खंडों में बाड़ लगाने की आवश्यकता से अवगत कराया है। रेलवे ने उन्हें दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई मार्गों के उन प्रमुख हिस्सों पर भी बाड़ लगाने की आवश्यता से अवगत कराया, जो आवारा मवेशियों के कटने के मामलों से ग्रस्त हैं। इन दोनों मार्गों पर प्रस्तावित गति बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा करने पर काम चल रहा है।
रेलवे बोर्ड ने पश्चिम रेलवे क्षेत्र में अहमदाबाद-वडोदरा-मुंबई खंड पर करीब 400 किमी की लंबाई तक एनएचएआई क्रैश बैरियर पर आधारित डिजाइन की बाड़ लगाने के आदेश दिए हैं, ताकि पैदल चलने वालों, मवेशियों, दो पहिया वाहनों और अन्य वाहनों को रोका जा सके।
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इस तरह के क्रैश बैरियर दुर्घटना संभावित स्थानों पर लगाए जाते हैं, खास तौर पर पहाड़ी इलाकों में घाटी किनारों, ऊंचे तटबंधनों, तेज व अंधे मोड़ जैसे क्षेत्रों में। ये दुर्घटनाओं की गंभीरता को कम करने में बहुत प्रभावी हैं।