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दिवाली-छठ पर रेलवे की बड़ी तैयारी: नियमति के अलावा करीब 1000 विशेष ट्रेनें चलेंगी, 9.25 लाख सीटों की व्यवस्था

Fri, 23 Oct 2026 08:26 PM IST
राहुल कुमार आईएएनएस, नई दिल्ली

सार

दिवाली और छठ पूजा पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे करीब 1,000 विशेष ट्रेनें चला रहा है। एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक चलने वाली इन ट्रेनों में 9.25 लाख सीटें रखी गई हैं, जिनमें 85 प्रतिशत आरक्षित हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और राजस्थान के यात्रियों को इससे कितनी राहत मिलेगी? क्या अभी भी टिकट उपलब्ध हैं? रेलवे ने स्टेशनों पर भीड़ संभालने के लिए क्या इंतजाम किए हैं? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं... 
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वंदे भारत ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी तैयारी की है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए मध्य रेलवे नियमित ट्रेनों के अलावा करीब 1,000 विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को उनके घरों और गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा देना है। इस व्यवस्था के तहत एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। जरूरत बढ़ने पर इनकी संख्या में और इजाफा भी किया जा सकता है।

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मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि दीपावली और छठ पूजा पर यात्रियों की सुविधा के लिए 1,000 से अधिक विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। हर साल त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ पर्व मनाने के लिए दूसरे शहरों से घर लौटते हैं। इससे ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ जाती है। इसी जरूरत को देखते हुए मध्य रेलवे और भारतीय रेलवे ने अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था की है। इस बार पिछले साल के मुकाबले अधिक ट्रेनों के संचालन की तैयारी की गई है।

इस बार कुल कितनी ट्रेनें यात्रियों के लिए उपलब्ध हैं?
रेलवे के मुताबिक, पिछले साल त्योहारों के दौरान चलाई गई ट्रेनों में से 600 सेवाओं को नियमित कर दिया गया है। इनके अलावा इस बार करीब 998 विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस तरह नियमित की गई सेवाओं और त्योहारों के लिए चलाई जा रही विशेष ट्रेनों को मिलाकर कुल संख्या लगभग 1,600 तक पहुंच गई है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की मांग को ध्यान में रखकर जरूरत पड़ने पर और विशेष ट्रेनें भी चलाई जा सकती हैं। इससे त्योहारों के समय घर जाने के लिए ट्रेन का विकल्प तलाश रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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विशेष ट्रेनों में कितनी सीटें हैं और कितनी बुक हो चुकी हैं?
मध्य रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, एक अक्तूबर से 30 नवंबर तक चलने वाली विशेष ट्रेनों में यात्रियों के लिए लगभग 9 लाख 25 हजार सीटों की व्यवस्था की गई है। इनमें से करीब 85 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण हो चुका है। हालांकि, कुछ सीटें अभी भी उपलब्ध हैं। इसका मतलब है कि यात्रियों के पास टिकट बुक कराने का अवसर मौजूद है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग अधिक रहने के कारण उन्हें अपनी यात्रा की योजना समय रहते बनानी चाहिए। रेलवे अधिकारी ने बताया कि उपलब्धता और यात्रियों की जरूरत के आधार पर अतिरिक्त विशेष ट्रेनों की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।

किन राज्यों और शहरों के लिए चलाई जा रही हैं विशेष ट्रेनें?
स्वप्निल नीला के अनुसार, विशेष ट्रेनों की व्यवस्था उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ महाराष्ट्र के अलग-अलग क्षेत्रों, दिल्ली और राजस्थान जाने वाले यात्रियों के लिए भी की गई है। त्योहारों के दौरान इन राज्यों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के साथ स्टेशनों पर भीड़ को संभालने की भी तैयारी की है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, पुणे और नागपुर सहित प्रमुख स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, ताकि यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके और उन्हें सुरक्षित तरीके से ट्रेन तक पहुंचाया जा सके।

यात्रियों को टिकट और यात्रा से जुड़ी जानकारी कहां से लेनी चाहिए?
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन के समय, आरक्षण और यात्रा से जुड़ी दूसरी जरूरी जानकारियों के लिए रेलवे के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों के स्टेशन पहुंचने से भीड़ बढ़ सकती है, इसलिए यात्रियों को अपनी ट्रेन का समय और टिकट की स्थिति पहले से जांच लेनी चाहिए। रेलवे की तैयारी का मकसद नियमित सेवाओं के साथ अतिरिक्त ट्रेनों के जरिए यात्रियों की मांग पूरी करना और स्टेशनों पर भीड़ को व्यवस्थित रखना है। करीब 9.25 लाख सीटों की व्यवस्था और लगभग 1,000 विशेष ट्रेनों के संचालन से दिवाली और छठ पर यात्रा करने वालों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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