रेलवे कोयले की ढुलाई और आपूर्ति सुचारू रखने के लिए कोयला मंत्रालय और बिजली मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है। इसका उद्देश्य थर्मल पावर प्लांट तक समय पर कोयला पहुंचाना और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन बनाए रखना है।
देश में बिजली की मांग पूरी करने के लिए भारतीय रेलवे ने कोयला ढुलाई तेज कर दी है। रेलवे ने इस साल अक्टूबर में 18 तारीख तक कोयला लदान का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। पिछले साल अक्टूबर की इसी अवधि के मुकाबले रोजाना 87 अधिक कोयला रेक रवाना किए गए। इससे बिजली संयंत्रों तक कोयले की नियमित आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल रही है।
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रेलवे के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में थर्मल पावर प्लांट के लिए रोजाना औसतन 430 कोयला रेक भेजे गए। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से 7.1 फीसदी अधिक है। सितंबर में भी कोयला रेक की रवानगी में पिछले साल के मुकाबले रोजाना 14 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बिजली की मांग बढ़ने से तेज हुई ढुलाई
कोयला ढुलाई में तेजी की वजह बिजली की बढ़ती खपत, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि और देश के कुछ हिस्सों में कम बारिश के कारण कोयला आधारित बिजली उत्पादन की बढ़ती जरूरत है। लगातार आपूर्ति से बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार बनाए रखने में मदद मिल रही है। रेलवे कोयले की ढुलाई और आपूर्ति सुचारू रखने के लिए कोयला मंत्रालय और बिजली मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है। इसका उद्देश्य थर्मल पावर प्लांट तक समय पर कोयला पहुंचाना और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बिजली उत्पादन बनाए रखना है।