आईआरएफसी, रेलवे के स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) है, जो रेलवे को रोलिंग स्टॉक की खरीद और बुनियादी ढांचे की संपत्ति के निर्माण के लिए पैसा उधार देता है।
रेलवे ने अपने सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) 'इंडियन रेल फाइनेंस कॉरपोरेशन' (आईआरएफसी) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अमिताभ बनर्जी को कथित वित्तीय गड़बड़ी और पद के दुरुपयोग को लेकर हटा दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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हाल ही में सरकार ने 'नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड' (एनएचएसआरसीएल) के प्रबंध निदेशक को भी भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया था, उसके कुछ दिनों बाद अब यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
आईआरएफसी, रेलवे के स्वामित्व वाला सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (पीएसयू) है, जो रेलवे को रोलिंग स्टॉक की खरीद और बुनियादी ढांचे की संपत्ति के निर्माण के लिए पैसा उधार देता है।
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सूत्रों के मुताबिक, रेलवे ने अक्तूबर 2020 में बनर्जी के खिलाफ विजिलेंस जांच को मंजूरी दी थी। इस जांच में पाया गया कि बनर्जी जनवरी 2020 में अपने परिवार के साथ नई दिल्ली के ग्रीन पार्ट एक्सटेंशन में चार बेडरूम वाले घर में शिफ्ट हो गए। उसके बाद उन्होंने जनवरी 2020 में अपने घर को आईआरएफसी 'गेस्ट हाउस' में तब्दील कर दिया और करीब दो लाख रुपये प्रतिमाह किराया लेते रहे।
आईआरएएस अधिकारी अमिताभ बनर्जी के खिलाफ रेलवे द्वारा यह कार्रवाई करने का फैसला एक पूर्व कर्मचारी की शिकायत की जांच के बाद लिया गया है।
रेल मंत्रालय ने आईआरएफसी की निदेशक (वित्त) शैली वर्मा को तीन महीने के लिए सीएमडी की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए कहा है। वहीं बनर्जी ने सभी आरोपों का खंडन किया है।