ट्रेनों में मिलने वाले खाने को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और जुर्माने की कार्रवाई के बाद आईआरसीटीसी ने सख्ती बढ़ा दी है। यात्रियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए नए नियम तैयार किए जा रहे हैं।
हाल ही में पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में दही में कीड़े मिलने की शिकायत के बाद आईआरसीटीसी ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई की गई। सूत्रों के मुताबिक, अब आईआरसीटीसी एक नया एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर रहा है। जिससे भविष्य में इस तरह की शिकायतों पर रोक लगाई जा सके। यात्रियों को बेहतर भोजन मिल सके।
हालांकि, यह पहला मामला नहीं है जब खाने को लेकर शिकायतें सामने आई हों। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में खाने की गुणवत्ता को लेकर कुल 6,645 शिकायतें दर्ज की गई थीं। इनमें से 1,341 मामलों में जुर्माना लगाया गया। इससे साफ है कि इस तरह की समस्याएं पहले भी सामने आती रही हैं। वहीं, एक अन्य मामले में उपभोक्ता अदालत ने भी आईआरसीटीसी पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। सूत्रों के अनुसार, अब ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के बाद नियमों को और कड़ा करने की तैयारी की जा रही है।
आईआरसीटीसी के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा और खाने की गुणवत्ता उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आईआरसीटीसी अब नया एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार कर रहा है, जिसमें खाने की सप्लाई, स्टोरेज, पैकिंग और सर्विंग से जुड़े कड़े नियम लागू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य खाने की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और लापरवाही पर रोक लगाना है। सूत्रों के मुताबिक, यात्री अब सीधे ऐप या हेल्पलाइन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिससे शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। वंदे भारत एक्सप्रेस समेत प्रीमियम ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर खास निगरानी रखी जा रही है। आईआरसीटीसी का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जा रही है और जरूरी सुधार किए जा रहे हैं।
हाल ही में पटना-टाटानगर वंदे भारत में एक यात्री ने दही में कीड़े के वीडियो वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय ने एक्शन लेते हुए आईआरसीटीसी और वेंडर पर कार्रवाई की थी। आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपए और कैटरर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं,अमूल कंपनी को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा था।