अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए एक तरफ रेलवे ने चालू वर्ष के दौरान डीजल की खपत की में 10 फीसदी की कटौती का लक्ष्य रखा है, दूसरी तरफ उत्तर रेलवे में इसकी खपत में करीब पांच फीसदी की बढ़ोतरी हो गई है। वह भी तब, जबकि उत्तर रेलवे में अधिकतर मुख्य रेलवे लाइनों -ट्रैक- का विद्युतिकरण हो चुका है।
उत्तर रेलवे के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान मार्च से ही डीजल की खपत में बढ़ोतरी का संकेत दिख रहा है, जबकि इसमें कमी आनी थी। कमी क्यों आनी थी, इस पर उन्होंने बताया कि इसी साल जनवरी में मुरादाबाद से गाजियाबाद का रेलखंड का विद्युतिकरण हो गया था और इस पर परिचालन भी शुरू हो गया।
इससे पहले ही मुरादाबाद से लखनऊ और लखनऊ से वाराणसी के रेलखंड का विद्युतिकरण हो चुका है। इसके पूरा हो जाने के बाद पश्चिम बंगाल, बिहार या पूर्वोत्तर से वाराणसी और लखनऊ होकर दिल्ली आने वाली रेलगाड़ी में भी डीजल इंजन लगाने की जरूरत नहीं रह गई। इससे पहले दिल्ली से जम्मू, जम्मू से अंबाला होते हुए लखनऊ का मार्ग का विद्युतिकरण हो चुका है।
रेल मंत्रालय के17 जोनल रेलवे में सबसे बड़े, उत्तर रेलवे के एक अन्य अधिकारी का कहना है कि यहां के सभी ट्रंक मार्गों का विद्युतिकरण हो चुका है। अब ब्रांच लाइनों के विद्युतिकरण का काम बचा है, जहां ज्यादा ट्रेफिक नहीं है।
इसके वाबजूद उत्तर रेलवे में इस साल मार्च में डीजल की खपत 1389000 लीटर रही जो कि एक साल पहले के इसी महीने के मुकाबले 2.36 फीसदी ज्यादा है। अप्रैल में तो डीजल की खपत बढ़ कर 1422000 लीटर हो गई जो कि एक साल पहले के मुकाबले 5.02 फीसदी अधिक है।
मई 2016 में डीजल की खपत 1422000 लीटर ही रही जो एक वर्ष पहले के मुकाबले 1.94 फीसदी ज्यादा है। इस वर्ष जून में तो डीजल की खपत बढ़ कर 1452000 लीटर हो गई जो कि 4.54 फीसदी की बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी ऐसे वक्त हुई है, जबकि रेलवे बोर्ड ने देश भर में ईंधन की खपत में 10 फीसदी की कटौती का लक्ष्य रखा है।
रेलवे के सूत्रों का कहना है कि उत्तर रेलवे में यात्री गाड़ियों के लिए तो डीजल इंजनों का उपयोग घटा है, लेकिन मालगाड़ियों के परिवहन में डीजल इंजन का ज्यादा उपयोग होने लगा है, इसलिए डीजल की खपत बढ़ गई है। उनके मुताबिक अब मालगाड़ियों में भी अधिक से अधिक बिजली से चलने वाले इंजनों का उपयोग किया जाएगा।
रेल मंत्रालय के प्रवक्ता से इस बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन वहां भेजे गए ईमेल का अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।