रेलवे ने पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) गारमेंट बनाने में ना केवल सफलता हासिल कर ली है बल्कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन से इस मेडिकल इक्विपमेंट को स्वीकृति भी मिल गई है। पीपीई सुरक्षा उपकरण को रेलवे के जगादरी वर्कशॉप में तैयार किया गया है।
कोरोना वायरस से लड़ाई में रेलवे युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही पीपीई सुरक्षा कवरऑल भारी संख्या में बनाया जाएगा। इसके अलावा रेलवे स्वास्थ्य देखभाल के लिए मास्क और सैनिटाइजर का भी बना रहा है। सभी रेलमंडल इस दिशा में कर रहे हैं।
रेलवे की ड्यूटी पर आने वाले सभी कर्मचारियों के साथ ही अनुबंधित श्रमिकों को भी मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रोडक्शन यूनिट्स में बड़े पैमाने पर पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) गारमेंट्स बनाने जा रही है। इसके दो नमूने ग्वालियर के डीआरडीओ लैब में जांच कराया गया, जो सफल हुआ है। कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई में डॉक्टरों और पैरामेडिकल को वितरित किया जाएगा। उत्पादन इकाई में प्रति घंटे तीन सेट तैयार किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को आवश्यक निर्देश जारी किया है। आवश्यक वस्तुओं और माल की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए भारतीय रेल का माल परिचालन 24 घंटे जारी है। रेलकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए भी सुरक्षा उपकरण दिए जा रहे हैं। सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) को सुनिश्चित किया जा रहा है। इस संबंध में नियमित रूप से ट्रैकमैन, लोकोमोटिव पायलट समेत अनय रेल कर्मियों को जागरूक किया जा रहा है।