देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान रेलवे का मानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। रेलवे ने ऑटिज्म और फूड एलर्जी से पीड़ित साढ़े तीन साल के बच्चे के लिए राजस्थान के फालना से ऊंटनी का दूध ओडिशा के बरहमपुर पहुंचाया।
रेलवे अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दूध दिल्ली और हावड़ा के रास्ते पार्सल एक्सप्रेस के जरिए दो दिन में पहुंचाया। इसके बाद इस दूध को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार शाम को ऑटिज्म बच्चे के परिवार को सौंपा गया। उन्होंने बताया कि 20 किलो के पैकेज वाले दूध के परिवहन की लागत मात्र 125 रुपये आई। इसकी पूरी व्यवस्था सेतु द्वारा की गई थी। सेतु इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विसेज द्वारा शुरू की गई है। इस महीने की शुरुआत में रेलवे मुंबई में एक ऑटिज्म बच्चे के लिए भी राजस्थान से ऊंटनी के दूध की आपूर्ति कर चुका है।