अगर आप मोबाइल से अनारक्षित टिकट लेकर ट्रेन में सफर करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि टिकट का सिर्फ स्क्रीनशॉट दिखाने से काम नहीं चलेगा। खासकर दूसरे मोबाइल पर भेजा गया टिकट मान्य नहीं होगा। नियम की जानकारी नहीं होने पर टिकट चेकिंग के दौरान परेशानी के साथ जुर्माना भी लग सकता है।
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अनुसार, रेल वन ऐप से बुक किया गया टिकट उसी मोबाइल फोन पर मान्य होगा, जिस पर ऐप रजिस्टर्ड है और जिससे टिकट बुक किया गया है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से टिकट बुक कर उसका स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप या किसी दूसरे माध्यम से भेजा गया है, तो वह मान्य नहीं होगा। यात्री को जांच के समय वही मोबाइल दिखाना होगा, जिससे टिकट बुक किया गया है। टिकट जांच के समय मोबाइल चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त बैटरी भी होनी चाहिए, ताकि डिजिटल टिकट दिखाया जा सके।
ट्रेन में चढ़ने से पहले टिकट लेना जरूरी
रेलवे ने यात्रियों से कहा, टिकट अपने रजिस्टर्ड मोबाइल से ही बुक करें और सफर के दौरान वही फोन साथ रखें। इससे टिकट जांच के समय परेशानी से बचा जा सकेगा। रेलवे ने बताया कि, ट्रेन में चढ़ने से पहले यात्री के पास वैध टिकट होना जरूरी है। बिना टिकट ट्रेन में चढ़कर बाद में मोबाइल से अनारक्षित टिकट नहीं बनाया जा सकता। यानी टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर टिकट बनाना मान्य नहीं होगा।वहीं, रेलवे ने बिना सही टिकट या गलत टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
टिकट बुक करते समय इन बातों का रखें ध्यान:
रेलवे के मुताबिक रेल वन ऐप से अनारक्षित टिकट बुक करने वाले यात्रियों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- ट्रेन में चढ़ने से पहले वैध टिकट जरूर लें।
- टिकट अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वाले फोन से ही बुक करें।
- टिकट उसी मोबाइल में होना चाहिए, जिससे उसे बुक किया गया है।
- व्हाट्सएप पर भेजा गया टिकट या उसका स्क्रीनशॉट मान्य नहीं होगा।
- रजिस्टर्ड मोबाइल से बुक टिकट उसी मोबाइल के धारक के लिए मान्य होगा।
- सफर के दौरान टिकट वाला मोबाइल साथ रखें और उसकी बैटरी पर्याप्त चार्ज रखें।