रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को उन दावों को फर्जी और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया कि एक व्यक्ति ने ट्रेन की बोगी के नीचे लगी ट्रॉली में छिपकर इटारसी से जबलपुर तक 250 किलोमीटर की यात्रा की। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि किसी के लिए भी चलती ट्रेन के व्हीलसेट पर छिपना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना इसे भ्रामक दावे के साथ वायरल किया गया।
दानापुर एक्सप्रेस की बोगी के नीचे लगी ट्रॉली में छिपकर एक व्यक्ति द्वारा इटारसी से जबलपुर तक 250 किलोमीटर की यात्रा करने के दावे को रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को खारिज कर दिया। रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक, सूचना एवं प्रचार दिलीप कुमार ने कहा कि ये रिपोर्ट पूरी तरह से फर्जी और आधारहीन है।
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दिलीप कुमार ने कहा कि किसी ने खड़ी ट्रेन के व्हील एक्सल से बाहर आ रहे व्यक्ति का वीडियो शूट किया और इसे भ्रामक दावे के साथ प्रसारित किया कि व्यक्ति के पास टिकट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए उसको व्हीलसेट के पास छिपना पड़ा।
वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना वायरल करने का आरोप
कुमार ने कहा कि जब ट्रेन नहीं चल रही थी तो व्यक्ति व्हील एक्सल के पास छिपा हुआ था। किसी के लिए भी चलती ट्रेन के व्हीलसेट पर छिपना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ समाचार संगठनों और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना वायरल कर दिया।
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ट्रेन की रोलिंग जांच के दौरान कर्मचारियों को दिखा था व्यक्ति
बता दें कि दानापुर एक्सप्रेस ट्रेन इटारसी से चलकर जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची थी। स्टेशन पर कैरिज एंड वैगन विभाग (एसीएंडडब्ल्यू) के कर्मचारियों ने ट्रेन की रोलिंग जांच के दौरान एक व्यक्ति को बोगी के नीचे ट्रॉली में छिपा हुआ देखा। कर्मचारी आउटर पर कोचों के अंडर गियर की जांच कर रहे थे, तभी एस-4 कोच के नीचे लगी ट्रॉली में छिपे व्यक्ति पर उनकी नजर पड़ी। उन्होंने तुरंत ट्रेन को रुकवाया और उस व्यक्ति को बाहर निकाला। घटना के बाद युवक ने बताया कि वह इटारसी से ट्रॉली में छिपकर आया है। रेलवे प्रबंधन ने इस घटना को गंभीरता से लिया।