अंधेरी रेलवे स्टेशन के फूट ओवरब्रिज गिरने से बड़ा भयावह हादसा हो सकता था लेकिन, लोकल ट्रेन के चालक (मोटरमैन) ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सैकड़ों लोगों की जान बचा ली। यदि चालक चंद्रकांत सावंत ने इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया होता तो ब्रिज का मलबा लोकल ट्रेन पर गिरता और फिर हाहाकार मच जाता।
मोटरमैन चंद्रकांत सावंत ने बताया कि अंधेरी से गाड़ी आगे बढ़ी तब मैने ब्रिज के हिस्से को लरकते हुए देखा। इसके बाद तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगते ही ब्रिज का हिस्सा भरभराकर गिर गया। उस वक्त लोकल ट्रेन की रफ्तार करीब 50 किमी प्रतिघंटे की थी। सतर्कता के चलते ब्रिज से 50-60 मीटर पहले ही गाड़ी रूक गई थी।
सावंत ने बताया कि ओवरब्रिज गिरने की सूचना उन्होंने तत्काल रेलवे अधिकारियों को दी। इसके बाद एक के पीछे एक लोकल ट्रेनें जो जहां थी वहीं रूक गई। मोटरमैन सावंत बोरिवली से 7 बजकर आठ बजे की ट्रेन लेकर चर्चगेट के लिए निकले थे। सावंत पिछले 27 साल से रेलवे में नौकरी कर रहे हैं। इसलिए उनका तजुर्बा काम आया और अपनी सूझबूझ से सैंकड़ों लोगों को किसी अनहोनी से बचा लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले साल 2009 में मुंबई से सटे ठाणे रेलवे स्टेशन के पास कोपरी ओवरब्रिज लोकल ट्रेन पर गिरा था जिसमें मोटरमैन समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। मोटरमैन पूरी तरह से ट्रेन में ही चिपक गया था जिसे बाहर निकालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।