रेलयात्रा के दौरान कंबल से परेशान होने वाले यात्रियों की सुविधा को लेकर रेलवे इंतजाम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक रेलवे पुराने कंबलों की जगह नए डिजाइनर और हल्के कंबल लाने वाला है। इसके साथ ही यात्रियों की द्वारा इस्तेमाल किए हुए कंबलों को फिर से यूज में लाने के लिए नियमित रूप से साफ किया जाएगा।
हालांकि अभी कंबलों को हर एक से दो महीने के भीतर धोने का निर्देश है, लेकिन हाल में कैग रिपोर्ट के आने के बाद से रेलवे को कई तरह की आलोचना झेलनी पड़ रही थी। रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ट्रेन यात्रा के दौरान मिलने वाले कंबल छह महीने से नहीं धुलते। इस समस्या से निजात दिलाने की लिए रेलवे तेजी से प्रबंध कर रहा है। जिससे अब आपको रेलयात्रा के दौरान गंदे कंबल से अपनी रात काटने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
मामले में संसद में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक देश के शीर्ष लेखापरीक्षक ने कहा था कि रेलवे द्वारा स्थापित मानदंडों के अनुसार कंबल के धोने और सफाई का काम नहीं किया जाता है। इस डिजाइनर और हल्के कंबलों को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने पर काम चल रहा है।
रेलवे ने कम ऊन सामग्री वाले हल्के कंबल की डिजाइन के लिए राष्ट्रीय फैशन डिजाइन संस्थान (एनआईएफटी) से बात की है। एक पायलट परियोजना के रूप में पहले इसे मध्य रेलवे क्षेत्र में परीक्षण किया जा रहा है। हाउस कीपिंग निदेशालय के एक वरिष्ठ रेलवे के अधिकारी ने कहा कि हमारा लक्ष्य प्रत्येक यात्रा के लिए ट्रेनों में साथ धोया गया कंबल प्रदान करना है।