बीते दो सालों में निजी बीमा कंपनियों ने रेलवे और यात्रियों से करीब 46 करोड़ रुपये का प्रीमियम कमाया, जबकि यात्रा बीमा योजना के तहत केवल 7 करोड़ के दावों का भुगतान किया। एक आरटीआई के माध्यम से यह खुलासा हुआ है।
मध्य प्रदेश के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर गौड़ के आवेदन पर पता चला कि पिछले दो वर्षों में आईआरसीटीसी ने बीमा कंपनियों को प्रीमियम के तौर पर 38.89 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जबकि बीमा कंपनियों ने यात्रियों को बीमा 7.29 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इस बारे में अधिकारियों को कहना है कि इस दौरान रेल हादसों में कमी आई है, जिसके कारण बीमा के दावे कम हुए हैं।
रेलवे मंत्रालय की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई आईआरसीटीसी ने वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना के लिए श्रीराम जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड, आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस लिमिडेट और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड से करार किया है। सितंबर, 2016 में इस योजना की शुरुआत की गई थी।
योजना की शुरुआत में प्रति यात्री 0.92 रुपये का प्रीमियम था। रेलवे ने 31 अगस्त, 2018 तक प्रीमियम का वहन खुद किया, लेकिन इसके बाद इसे यात्रियों से वसूला जाने लगा, जिसे घटाकर 0.49 रुपये प्रति यात्री कर दिया गया। आईआरसीटीसी की वेबसाइट से टिकट बुक कराते समय कंफर्म या आरएसी टिकट वाले यात्रियों को यह सुविधा मिलती है।