रेलवे आधारभूत ढांचे के निर्माण के कारण नई पहल कर सकता है। ऐसा भी संभव है कि कई रूट पर ट्रेनें 24 घंटे की जगह 20-22 घंटे ही ही चले। दरअसल रेलवे ट्रैफिक ब्लॉक को भी समय-सारणी में शुमार करने की कवायद कर रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने चार साल की उपलब्धियां पेश करने के दौरान कहा कि मेंटेंनेंस का काम भी अब टाइम टेबल के अनुसार होगा।
गोयल ने कहा कि मुंबई सब-अर्बन में जिस तरह तीन घंटे ट्रेनों का परिचालन बंद रहता है इसी तर्ज पर अन्य रेलवे ट्रैक पर भी निर्माण कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इसपर काम चल रहा है। दरअसल निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। इसके कारण ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान है। इसे ही देखते हुए रेलवे ने ट्रैफिक ब्लॉक को भी समय-सारणी में शामिल करेगा।
चार साल की उपलब्धियों पर की गई प्रेस कान्फ्रेंस में रेल मंत्री ने रेलवे को निजी हाथों में सौंपने पर उठ रहे सवाल पर स्पष्ट किया कि रेलवे का निजीकरण करने की कोई योजना नहीं है। इस मौके पर रेल मंत्री ने दो एप लांच किया। ट्रेन में आ रही दिक्कत से निपटने के लिए ट्विटर, फेसबुक व अन्य सोशल मीडिया का सहारा नहीं लेना पड़े इसके लिए रेल मदद एप और खान-पान व्यवस्था को ठीक करने के लिए मेन्यू ऑन रेल्स नाम के एप को लांच किया। दोनों एप गुगल के प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि यह वर्ष महात्मा गांधी को रेलवे ने समर्पित किया है। गरीब से गरीब व्यक्ति को सुविधा देने पर रेलवे का जोर रहेगा। सेवा भाव से काम करने का हमने निर्णय लिया है। नए भारत की तरह नए रेल की दिशा में काम करेंगे। कोशिश रहेगी कि सभी स्टेशन व ट्रेनों को सीसीटीवी से लैस किया जाए। जो भी काम करेंगे स्किल और रफ्तार के साथ करेंगे। 6000 स्टेशन पर वाईफाई की सुविधा देंगे। रेवाड़ी-फुलेरा के बीच 15 अगस्त से ट्रेन चलेगी।
एप से समाधान
रेल मदद एप के जरिए यात्री अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। वहीं दूसरी तरफ मेन्यु ऑन रेल के जरिए ट्रेन में खाने का ऑर्डर दे सकेंगे। रेल मदद एप में यात्रियों को अपना नाम और मोबाइल नंबर भरना होगा। इसके बाद गेट ओटीपी की मदद से लॉगिन करना होगा। एप में शिकायत करने के लिए पीएनआर नंबर डालना होगा। जो यात्री बिना रिजर्वेशन के जनरल डिब्बों में यात्रा करते हैं वो भी इस एप के जरिए शिकायत कर सकेंगे।
पीएनआर के बाद शिकायत की सूची एप में आएगी। इसमें तारीख और समय के साथ शिकायत की जा सकेगी। इसमें फोटो अपलोड करने का भी विकल्प होगा। मेन्यू ऑन रेल्स एप की मदद से यात्री मेल, एक्सप्रेस, हमसफर, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, गतिमान, और तेजस एक्सप्रेस ट्रेन में खाना ऑर्डर कर सकेंगे। इसमें पेमेंट के लिए प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के विकल्प मिलेंगे।
रेल मंत्री ने उपलब्धियां गिनवाई
. 2017-18 में ट्रेन दुर्घटनाएं घटकर 62 प्रतिशत घटी। 2013-14 में 118 दुर्घटनाएं हुई तो 2017-18 में 73 दुर्घटनाएं हुई।
. रेल ट्रैक निर्माण में 50 प्रतिशत की वृद्घि, 2013-14 में 2,926 किलोमीटर की जगह 2017-18 में 4,405 किलोमीटर। प्रतिदिन 4.1 किलोमीटर की जगह 6.53 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण हो रहा है।
. अब तक सबसे अधिक रोड अंडल ब्रिज व रोड ओवर ब्रिज निर्माण, प्रतिवर्ष 1220 का लक्ष्य।
. स्टेशन पुनर्विकास की योजनाओं का खाका तैयार किया गया है।
. भारत का पहला राष्ट्रीय रेल और परिवहन यूनिवर्सिटी अगस्त में खुल जाएगा।
. पिछले चार वर्षों में 5,479 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग को समाप्त किया गया।
. ट्रैक विद्युतीकरण में छह गुना बढ़ोत्तरी।
. सिग्नलिंग में पिछले वर्ष की तुलना में 26 प्रतिशत की वृद्घि।
. मार्च 2019 तक पांच हजार कोचों में आंतरिक सुधार हो जाएगा।
. मार्च 2019 तक सभी ट्रेनों में बायो शौचालय। पांच सौ कोच में विमानों की तरह वैक्यूम ट्वॉयलेट ट्रेनों में लगेगा।
. 1.1 लाख सुरक्षा पद भरा जाएगा।
. नई लाइनों को चालू करने की औसत गति में 59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
. मार्च 2019 तक 68 रेलवे स्टेशनों पर वर्ल्ड क्लास सुविधा दी जाएगी।
. 300 से भी अधिक ट्रेनों में खाने-पीने की वस्तुओं पर एमआरपी की प्रिंटिंग अनिवार्य की गई है।