सार
रेलवे अब अपने कर्मचारियों के लिए मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर एक नियम लेकर आया है। अब रेलवे कर्मचारी ड्यूटी के समय ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया पर वीडियो नहीं बना सकते हैं।
भिवानी के रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने अहम कदम उठाया है। रेलवे ने ड्यूटी के दौरान रेलवे कर्मियों को ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, सुरक्षा जोखिम और गोपनीयता का उल्लंघन माना है। रेलवे का कहना है कि,यह कदम ब्लॉगिंग के विरोध में नहीं है, बल्कि रेलवे सुरक्षा और सार्वजनिक हित के लिए आवश्यक कदम है। इन नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही के महीनों में चलती ट्रेनों में और रेलवे स्टेशनों पर वर्दी में रेलवे कर्मचारी ट्रेन संचालन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते दिखाई दे रहे है। इन्हीं का संज्ञान लेते हुए रेलवे ने इस पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। दरअसल, रायपुर रेल मंडल में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों द्वारा रील बनाने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा था। इसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तुरंत आदेश जारी कर दिया।
रेलवे का कहना है, वर्दी में रील बनाना, ट्रैक पर वीडियो शूट करना या ट्रेन संचालन के दौरान मोबाइल का उपयोग करना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। इसी तरह साउथ ईस्टर्न रेलवे जोन ने यह साफ कर दिया कि किसी भी कर्मचारी को ऑपरेशनल क्षेत्रों में वीडियो बनाने की इजाजत नहीं होगी। इसके बाद अन्य डिवीजन भी इसी तर्ज पर नियम लागू करने की तैयारी में हैं। ताकि पूरे नेटवर्क में एक समान अनुशासन बनाए रखा जा सके।
रेलवे प्रशासन ने सभी नियंत्रक अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और विभाग प्रमुखों को आदेश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि अधीन कर्मचारी नए नियमों का बिना किसी अपवाद के पालन करें। प्रशासन ने कर्मचारियों को इन गाइडलाइन के बारे में जागरूक करने और सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। इसके अलावा कई रेलवे डिवीजनों में औचक निरीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं ताकि किसी भी उल्लंघन की तुरंत रिपोर्ट की जा सके।
इसके अलावा रेलवे ने कर्मचारियों को चेतावनी जारी कर कहा कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन, चार्जशीट, वेतन कटौती, सेवा रिकॉर्ड में प्रतिकूल टिप्पणी या आवश्यकता पड़ने पर उससे भी कठोर दंड शामिल हो सकते हैं। यह आदेश रेलवे परिसरों की सुरक्षा, संचालन की गोपनीयता और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।