आधारित बायोमीट्रिक अटेंडेंस प्रणाली
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रेल मंत्रालय देर से आने वाले अपने अधिकारियों पर नजर रखने के लिए सभी ‘जोन’ और ‘डिवीजन’ में अगले साल 31 जनवरी तक ‘आधार’ आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाएगी। रेल बोर्ड ने तीन नवंबर को सभी जोन को इस सिलसिले में एक पत्र जारी किया है।
आदेश के मुताबिक बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली सबसे पहले सभी डिवीजन, जोन, मेट्रो रेल कोलकाता, रेल वर्कशॉप, फैक्ट्रीज और उत्पादन इकाइयों में 30 नवंबर तक लगाई जाएगी। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना का उद्देश्य काम पर देर से आने वाले या नहीं आने वालों पर नजर रखना है।
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अधिकारी ने कहा, ‘31 जनवरी 2018 तक रेल जोनों और डिवीजनों पर बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली लग जाने के बाद इस समस्या का हल हो सकता है। दूसरे चरण में लोक उपक्रमों सहित संबद्ध एवं अधीनस्थ कार्यालय में 31 जनवरी 2018 तक रेलवे के सभी कार्यालयों में इसे लागू किया जाएगा। फिलहाल यह प्रणाली रेलवे बोर्ड और कुछ जोनल मुख्यालयों में लगी हुई है।