कोविड 19 महामारी का असर भारतीय रेलवे की कमाई पर भी देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2020-21 में पैसेंजर रेवेन्यू में करीब 70 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। पिछले वर्ष के लॉकडाउन के कारण देशभर में रेलवे सेवाएं प्रभावित हुईं और देश के विभिन्न हिस्सों में आंशिक रूप से लॉक डाउन जारी रहा। भारतीय रेलवे ने भी लॉकडाउन के दौरान नियमित ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया था।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, रेलवे का साल 2019-20 में यात्री राजस्व 50669.09 करोड़ रुपये था, जबकि 2021 में यह कमाई 15,248.49 करोड़ रुपये थी। इस हिसाब से रेलवे को कोरोनाकाल में 35,420.60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा, अन्य कोचिंग राजस्व की बात करें तो साल 2019-20 में रेलवे को 4640.79 करोड़ रुपये मिले, जबकि साल 2021 में यह कमाई 2096.76 करोड़ रुपये रही। इस हिसाब से 2544.05 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
साल 2019-20 में रेलवे का माल राजस्व 113487.89 करोड़ रुपये का था।. हालांकि, इसमें साल 2021 में फायदा हुआ। रेलवे को इस साल 117231.82 करोड़ रुपये माल ढुलाई से मिले। इस तरह 3743.93 करोड़ रुपये का फायदा हुआ। वहीं, सरकार कहना है कि रेलवे ने पिछले एक साल में अपने कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन या फिर अन्य किसी भत्तों में कोई कटौती नहीं की है।
रेलवे को माल ढुलाई और पैसेंजर किराए समेत तमाम दूसरी चीजों से आय होती है. इनमें से सबसे ज्यादा आमदनी माल ढुलाई से होती है। वहीं, भारतीय रेलवे अपने पैसेंजर ट्रेनों के जरिए भी कमाई करती है।