हादसे की जांच के लिए चार सदस्यी कमेटी में आरडीएसओ के बीपी अवस्थी, आईआईटी दिल्ली के डॉ. दिप्ती रंजन साहू, आईआरआईसीएन के शरद कुमार अग्रवार और एनएफ रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर संदीप शर्मा का नाम शामिल हैं।
रेल मंत्रालय ने मिजोरम के आइजोल जिले में एक निर्माणाधीन रेलवे पुल के ढहने के कारणों के जांच के लिए चार सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस हादसे में अबतक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। कमेटी को एक महीने के भीतर जांच की रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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इन चार सदस्यी कमेटी में आरडीएसओ के बीपी अवस्थी, आईआईटी दिल्ली के डॉ. दिप्ती रंजन साहू, आईआरआईसीएन के शरद कुमार अग्रवाल और एनएफ रेलवे के मुख्य ब्रिज इंजीनियर संदीप शर्मा का नाम शामिल हैं।
रेलवे बोर्ड की वर्क्स-I शाखा समिति के कामकाज और रेलवे बोर्ड द्वारा विचार के रिपोर्ट प्रस्तुत करने, समिति की सिफारिश के कार्यान्वयन और सभी संबंधित मुद्दों के लिए मोडल शाखा होगी। आइजोल के करीब बैराबी-सैरांग में बुधवार को निर्माणाधीन रेलवे पुल के गिरने से 22 लोगों की मौत तो वहीं तीन अन्य घायल हो गए थे। गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत मलवे से चार मृत शरीर बाहर निकाला गया। हालांकि, अभी भी एक मजदूर के गायब होने की आशंका जताई जा रही है।
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सभी पीड़ित पश्चिम बंगाल के मालदा के रहने वाले थे। इस घटना के दौरान 26 मजदूर घटनास्थल पर मौजूद थे। रेलवे ने बताया कि निर्माणाधीन पुल पर गैलेंट्री के गिरने के कारण पुल ढह गया था। प्रधानमंत्री ने इस हादसे में मरने वालों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुआवजे के तौर पर मरने वालो को 10 लाख और घायलों को पचास हजार रुपये देने का वादा किया है।