ट्रेन में यात्रा के दौरान अगर आपकों खाने का बिल नहीं दिया जाता है तो वह खाना आप मुफ्त खाने के हकदार है। ट्रेनों में मिलने वाले खाने की बार-बार शिकायत को लेकर रेल मंत्रालय ने एक मास्टर प्लान ऑफ रेट तैयार किया है। इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि इफ नो बिल मील इज फ्री। इसके अलावा एक मोबाइल एप भी तैयार किया जाएगा तो कैटरिंग व्यवस्था को मॉनीटर करेगा।
केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने खान-पान व्यवस्था में सुधार के लिए एजेंडा तय किया है। इसमें कहा गया है कि खाने की गुणवत्ता पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। वैरायटी भले ही कम हो, लेकिन जो भी खाना ट्रेनों में परोसा जाएगा, उसकी गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। कैटरिंग स्टाफ को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन दी जाएगी। यात्रियों से टिप्स लेने वाले कैटरर को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
एचआर विभाग ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर नजर रखेगा व खाना परोसने वाले के व्यवहार कुशलता पर निगरानी रखेंगे। वेंडरों के खिलाफ मिलने वाली शिकायत पर त्वरित कारवाई की जाएगी। किसी भी तरीकेकी शिकायत मिलने पर पेंट्री कार वालों को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि खान-पान संबंधित शिकायत को रेल मंत्री का कार्यालय अपनी सीधी नजर रखेगा। ए लॉ कार्ट वस्तुओं की बिक्री ट्रेनों में विमान की तर्ज पर की जाएगी। इसपर रेट कार्ड लिखा होना आवश्यक होगा। ट्रेन व स्टेशनों पर हॉट फुड वेडिंग मशीन लगाया जाएगा ताकि यात्रियों को ठंडा खाना खाने की मजबूरी नहीं हो।