यह मामला रेलवे की निविदा देने, बिल पास करने और भुगतान करने का ठेका एबीसीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को देने के लिए 58 वर्षीय चौहान द्वारा एक करोड़ रुपये कथित रिश्वत मांगने से जुड़ा है। आरोपी कंपनी के निदेशक पवन वैद्य ने कथित रूप से हवाला के जरिए रिश्वत की राशि दिल्ली के अपने कर्मचारी भूपेन्द्र रावत को भेजी। रावत इस राशि को लेकर कथित रूप से देहरादून गए जहां चौहान के रिश्तेदार इन्द्र सिंह ने उनसे यह धन प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि एजेंसी ने रावत और सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। सीबीआई का आरोप है कि इस मामले में रेलवे के आरोपी अधिकारी कंपनी को लाभ पहुंचाने के एवज में लगातार रिश्वत ले रहे थे।
जोशी ने एक बयान में कहा, ‘‘आरोप यह भी है कि उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे की मौजूदा परियोजनाओं में उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे के कुछ वरिष्ठ अधिकारी निजी ठेकेदारों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। वैद्य उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे की कई मौजूदा परियोजनाओं को लेकर चौहान के संपर्क में था।
एजेंसी ने इस मामले में चौहान, उप मुख्य अभियंता हेम चंद बोरा, सहायक कार्यकारी अभियंता लक्ष्मीकांत वर्मा और रावत को गिरफ्तार किया है। जोशी ने बताया कि एजेंसी गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए दिल्ली लेकर आएगी। गिरफ्तार आरोपियों के अलावा सीबीआई ने कंपनी और उसके निदेशक वैद्य के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।