भारतीय रेल केंद्र सरकार का पहला ऐसा विभाग बन गया है जिसने अपने कर्मचारियों को कहा है कि वे सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों की आलोचना न करें।
अंग्रेजी अखबार 'द टेलीग्राफ' के मुताबिक, वेस्टर्न रेलवे ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि वे सेंट्रल सिविल सर्विस नियमों की अवेहलना कर फेसबुक या ट्विटर पर सरकार की ताजा या पुरानी नीतियों की आलोचना न करें। वेस्टर्न रेलवे के चीफ पर्सोनल ऑफिसर मैत्रेयी ब्रह्मो द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है, 'यह संज्ञान में आया है कि रेलवे कर्मचारी सोशल मीडिया के विभिन्न समूहों में सरकार की आलोचना कर रहे हैं।'
आदेश में कहा गया है कि रेलवे सर्विस कॉन्डक्ट रूल कर्मचारियों को सरकार के खिलाफ टिप्पणियां करने से रोकता है, वह इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के अलावा सोशल मीडिया पर भी लागू होता है। जो इन नियमों का उल्लंघन करता है उसके अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
वेर्स्टन जोन में देश के 17 रेल जोन में से एक है जिसमें महाराष्ट्र और गुजरात के हिस्से आते हैं। इसका मुख्यालय मुंबई है। यह देश का बेहद व्यस्त जोन माना जाता है। वेस्टर्न जोन के सूत्रों के मुताबिक, यह ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि कर्मचारी ट्विटर और व्हाट्स ऐप पर केंद्र सरकार की नीतियों का 'मजाक' उड़ाते हैं या उन पर नकरात्मक टिप्पणियां लिखते हैं।