कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी को लेकर गुरुवार को कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गईं। दिल्ली के बीकानेर हाउस में उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ में कुछ तस्वीरें हटाने को कहे जाने पर कांग्रेस ने अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगाने का आरोप लगाया। वहीं, भाजपा ने कहा कि प्रदर्शनी में आयोजन स्थल के नियमों का उल्लंघन हुआ। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इसे रेहान को राजनीति में आगे बढ़ाने की प्रियंका गांधी की कोशिश बताते हुए ‘लॉन्च मिशन’ करार दिया।
बीकानेर हाउस ने रेहान की तस्वीरें हटाने को क्यों कहा?
विवाद बुधवार को शुरू हुआ, जब रेहान ने इंस्टाग्राम पर दावा किया कि प्रदर्शनी खुलने से कुछ घंटे पहले बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी ज्यादातर तस्वीरें हटाने को कहा। उनके मुताबिक, तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं के विरोध प्रदर्शन और अन्य प्रदर्शनों को दिखाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। रेहान ने दावा किया कि उन्होंने प्रदर्शनी का लेआउट एक सप्ताह पहले साझा किया था, लेकिन प्रबंधन ने उस समय उसे देखने में असमर्थता जताई थी। उन्होंने कहा कि बाद में उन्हें बताया गया कि उनकी 70 तस्वीरों में से कोई भी प्रदर्शित नहीं की जाएगी। हालांकि, बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने कहा कि कुछ तस्वीरें उसकी नीति के अनुरूप नहीं थीं, इसलिए उन्हें हटाने का अनुरोध किया गया। उसके मुताबिक, नियमों के अनुरूप तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी रहीं।
प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ने क्या कहा?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि जब ताकतवर व्यक्ति दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो वह उस ताकत को पहले ही खो चुका होता है, जिसे बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने रेहान से कहा कि वह सच्चाई के लिए खड़े रहें और अपने बेटे पर गर्व जताया। रेहान के पिता रॉबर्ट वाड्रा ने भी कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है और वह अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिए दूसरी जगह तलाश लेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इस फैसले के पीछे राजस्थान सरकार थी या कोई अन्य दबाव। रेहान ने भी कहा कि उन्हें निर्णय के पीछे राजनीतिक मकसद होने का पक्का पता नहीं है, लेकिन कलाकार के तौर पर अपनी बात रखने की जिम्मेदारी महसूस करते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को कला और अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम से चार घंटे पहले मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों ने सभी 70 तस्वीरें हटाने का आदेश दिया, जबकि तस्वीरें तीन दिन पहले मंजूरी के लिए जमा कराई गई थीं। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि कलाकारों को अपनी कला के जरिये विचार व्यक्त करने की आजादी मिलनी चाहिए। सांसद कार्ति चिदंबरम ने प्रशासन के व्यवहार की आलोचना की। कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संविधान का अहम हिस्सा बताया। इस बीच, कुछ लोगों ने हटाई गई तस्वीरों को प्रदर्शनी के बाहर लगा दिया, लेकिन बाद में सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें भी हटा दिया।
भाजपा ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर क्या पलटवार किया?
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीकानेर हाउस के नियमों के अनुसार, वहां आयोजित प्रदर्शनियों में राजनीतिक सामग्री प्रदर्शित नहीं की जा सकती। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया को अधिकार जताने वाला रवैया बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस का पहला परिवार खुद को कानून से ऊपर समझता है। वहीं, भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेता रेहान को भविष्य में कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए इसे ‘प्रियंका मम्मी का रेहान को लॉन्च करने का मिशन’ बताया। इस तरह तस्वीरें हटाने के अनुरोध से शुरू हुआ विवाद अब कला की स्वतंत्रता, आयोजन स्थल के नियमों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है।