महाराष्ट्र के रायगढ़ में हुए इमारत हादसे के अगले दिन मंगलवार को भी बचाव कार्य जारी रहा। इस दौरान मलबे के नीचे से हादसे के करीब 20 घंटे बाद 4 साल के एक बच्चे को जिंदा निकालने में कामयाबी मिली, जबकि उसकी मां की मौत हो गई।
इसके साथ ही मृतकों का आंकड़ा बढ़कर आठ हो गया। इस मामले में पुलिस ने बिल्डर फारूक काजी और आर्किटेक्ट गौरव शाह समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मुंबई से करीब 170 किमी दूर रायगढ़ जिले के महाड इलाके में सोमवार शाम पांच मंजिला ढह गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के दूसरे दिन भी पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय निवासी मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में जुटे रहे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मलबे से बाहर निकाले गए बच्चे की पहचान मोहम्मद नदीम बांगी के रूप में हुई है। उसे मामूली चोटें आई हैं और वह पूरी तरह सुरक्षित है। बचाव टीम ने करीब आधे घंटे बाद नदीम की मां नौशीन (30) को भी मलबे से बाहर निकाला, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। नदीम के परिवार के दो सदस्य अब भी मलबे में फंसे हुए हैं। अब तक 8 लोग जिंदा बचाए गए हैं, जबकि 10 लापता हैं।
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने पांच मंजिला इमारत के मलबे से चार साल के बच्चे को बचाए जाने को चमत्कार बताया। उन्होंने ट्वीट किया, चलिए और चमत्कार की प्रार्थना करते हैं।