मनी लान्ड्रिंग मामले के आरोपी पत्रकार उपेंद्र राय के खिलाफ जांच कर रही एजेंसियां हैरान हैं। उन्होंने राय के घर की गई छापेमारी में एक वरिष्ठ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अधिकारी और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में तैनात रहे एक आईएएस अधिकारी के कॉल डाटा रिकॉर्ड बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इसके अतिरिक्त पूर्व ईडी चीफ और सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग के बीच हुई गोपनीय वार्ता का रिकॉर्ड भी मिला है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी उपेंद्र राय के घर पर छापेमारी
सिंगापुर उच्चायोग का ईडी निदेशक से गोपनीय वार्तालाप बरामद
राय और उसके सहयोगियों संजय स्नेही व राहुल शर्मा आदि के यहां सीबीआई-ईडी की संयुक्त छापेमारी में कई कंपनियों के आयकर मूल्यांकन आदेश और फाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट (एफआईयू) की तरफ से 2015-16 में तैयार की गई करीब 140 कंपनियों की संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) भी बरामद की गई हैं। जांच एजेसियों ने इन दस्तावेजों के आधार पर इस सप्ताह आयकर विभाग के साथ मिलकर गुड़गांव, कोलकाता और मुंबई में दर्जनों संदिग्ध लोगों के यहां छापेमारी की, इन संदिग्धों में आयकर विभाग के भी कई अधिकारी शामिल थे।
एफआईयू की 140 कंपनियों के खिलाफ गोपनीय रिपोर्ट बरामद
नवीन जिंदल से जुड़ी थी सिंगापुर की वार्ता
एजेंसी ने छापेमारी के पहले दौर में राय व उनके सहयोगी के घर से बरामद हुई भारतीय उच्चायोग और ईडी निदेशक राजन कटोच के बीच हुई गोपनीय वार्ता मशहूर उद्योगपति व पूर्व सांसद नवीन जिंदल से जुड़ा था। जिंदल की तरफ से कटोच को 2015 में लिखे एक पत्र को भी विदेशी संपत्ति की जांच रिपोर्ट के अलावा बरामद किया गया।
राय की जांच की सिफारिश वाला पत्र भी बरामद
एक वरिष्ठ ईडी अधिकारी व कॉरपोरेट मंत्रालय में रहे एक आईएएस के कॉल रिकॉर्ड बरामद
जांच एजेंसियां तब सबसे ज्यादा हैरान हो गईं, जब उन्हें छापेमारी के दौरान एक गोपनीय नोट बरामद हुआ, जिसमें वर्ष 2010 में ईडी के तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक (अब दिल्ली पुलिस में वरिष्ठ अधिकारी) ने तत्कालीन सीबीआई निदेशक से उपेंद्र राय की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में शिकायत की थी। एक अधिकारी ने बताया, इस बात की जांच की जा रही है कि जिस आदमी के खिलाफ नोट में सवाल उठे हैं, उसके पास से ही ये उच्च गोपनीय पत्र कैसे बरामद हुआ है?