मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि राहुल गांधी बहुत अच्छे लड़के हैं। उन्हें यूपी में ज्यादा आना और रहना चाहिए। ज्यादा आएंगे, तो हमारी दोस्ती भी हो जाएगी। दो अच्छे लोग मिल जाएं तो इसमें दिक्कत क्या है? अखिलेश के बयान को सियासी हल्कों में भविष्य की सियासत से जोड़कर देखा जाने लगा था। हालांकि कांग्रेस ने बयान के एक घंटे के भीतर ही जवाब दे दिया कि अखिलेश खयाली पुलाव न पकाएं।
मुख्यमंत्री अखिलेश बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू थे। मुख्यमंत्री से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की यात्रा के बारे में पूछा गया था। पहले उन्होंने कहा, राहुल अच्छे इंसान हैं। फिर तपाक से बोले ‘बहुत अच्छे लड़के हैं।’ उन्हें यूपी में ज्यादा आना चाहिए।
जब उनसे पूछा गया, राहुल से दोस्ती के कोई राजनीतिक मायने तो नहीं, क्या भविष्य में कांग्रेस से गठबंधन हो सकता है? अखिलेश ने कहा, ‘दो अच्छे लोगों के बीच दोस्ती हो जाए तो गलत क्या है? इसे राजनीति से क्यों जोड़ रहे हैं। मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया।’
यूं शुरू हुई अच्छे लड़के की कहानी
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राजधानी में पिछले महीने एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने अखिलेश को अच्छा लड़का बताया था। इसके बाद अखिलेश ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी कि ‘हम दोनों ही अच्छे लड़के हैं।’ राहुल और अखिलेश द्वारा एक-दूसरे की तारीफ को भविष्य की राजनीति का संकेत माना जा रहा है। इस लिहाज से अखिलेश के बयान को काफी अहम माना जा रहा है। वैसे भी राहुल अपनी किसान यात्रा में सपा से ज्यादा मोदी सरकार पर हमलावर हैं।
सपा से कोई गठबंधन नहीं: सुरजेवाला
अखिलेश के बयान को दोस्ती के लिए बढ़ा हाथ मानते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नई दिल्ली में कहा कि अखिलेश खयाली पुलाव न पकाएं। सपा से कांग्रेस कोई गठबंधन नहीं करने वाली है
'किसी को महापुरुषों का ठेकेदार न बनने दें'
अखिलेश यादव
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डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर आजम खां के बयान पर मचे बवाल के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि चुनाव नजदीक आने के साथ ही महापुरुषों के बहुत से ठेकेदार घूमने लगे हैं। किसी को ठेकेदार नहीं बनने देना चाहिए। कहा, बसपा भी यही करती थी। राजधानी में ऐतिहासिक जेल, जहां से काकोरी के शहीदों का इतिहास जुड़ा था, खत्म कर दिया गया। कांग्रेस को बताना चाहिए कि इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान की जमीन पर कब्जा हुआ कि नहीं?
घटना की सच्चाई परखने की सलाह
कानून-व्यवस्था व पुलिस को लेकर सवाल पर मुख्यमंत्री ने बदायूं की घटना का हवाला देते हुए कहा कि कभी-कभी छोटी सी घटना को इतना तूल दे दिया जाता है कि विदेशों तक चर्चा पहुंच जाती है। बदायूं की घटना ने संयुक्त राष्ट्र संघ तक को जगा दिया, लेकिन क्या निकला? किसी घटना की सच्चाई को परखा जाना चाहिए और यह भी देखना चाहिए कि घटना कब की है।