केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने 23 अगस्त को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को एक पत्र लिखा जिसमें वे बाढ़ में खोए/क्षतिग्रस्त दस्तावेजों को फिर से जारी करने के लिए एकल खिड़की व्यवस्था (सिंगल विंडो सिस्टम) प्रयोग करने की मांग की। पत्र में उन्होंने लिखा कि मेरे संसदीय क्षेत्र वायनाड में बाढ़ के कारण लोगों को भारी क्षति हुई है और इसके कारण कई परिवारों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, स्कूल या कॉलेज प्रमाण पत्र, जमीन के मालिकाना हक वाले दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज गुम हो गए।
उन्होंने आगे लिखा कि इन सभी दस्तावेजों को फिर से जारी करने के लिए एकल खिड़की व्यवस्था (सिंगल विंडो सिस्टम) का प्रयोग हो जिससे कि लोगों को मुश्किलों का सामना ना करना पड़े और पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि गुम या नष्ट दस्तावेजों को फिर से जारी करने के लिए बाढ़ पीड़ितों को कई कार्यालयों में जाने के लिए बाध्य किया जा रहा है। गांधी ने सुझाव दिया कि बाढ़ पीड़ितों को कई कार्यालयों में भेजे जाने के बजाए जिला कलेक्टर के कार्यालय में एक नोडल अधिकारी बनाया जाए जो प्रभावित परिवारों के गुम दस्तावेज के लिए आवेदन एक जगह प्राप्त कर सकें।
उन्होंने 23 अगस्त को लिखे पत्र में आगे कहा कि नोडल अधिकारी संबंधित विभागों से समन्वय कर सकते हैं, दस्तावेजों की प्रतिलिपि हासिल कर सकते हैं और परिवारों के घर पहुंचवा सकते हैं। गांधी ने कहा, मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार इस बारे में प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग करेगी।