राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के दिल्ली चलो मार्च से पहले केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन किसी एक पार्टी या नेता की लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान और देश के भविष्य को बचाने की मुहिम है। राहुल ने इसे शिवजी की बारात बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी विचारधारा का व्यक्ति शामिल हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार से उनकी कोई निजी लड़ाई नहीं है। यह संविधान बचाने की मुहिम है। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा पर हमला हुआ है और न्याय मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने युवाओं से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
राहुल गांधी ने मार्च को ‘शिवजी की बारात’ बताते हुए कहा कि इसमें कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी विचारधारा से जुड़े हों, वे इस आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने इसे देश के युवाओं के भविष्य और सम्मान की लड़ाई बताया।
राहुल गांधी ने बताया कि विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात के बजाय याचिका दाखिल करने को कहा था। राहुल के मुताबिक, विपक्ष अब अदालत के सामने अपनी बात रखेगा। उन्होंने लोगों से दोपहर तीन बजे सुप्रीम कोर्ट के सामने एकजुटता दिखाने की अपील भी की।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार उन्हें बचा रहे हैं। राहुल ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 2023 के कानून को रद्द करने की मांग भी रखी है।
विपक्ष ने चार मांगें रखी हैं। पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और 2023 का कानून रद्द हो। दूसरी, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर रोका जाए और मतदाता सूची से हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं। तीसरी, सभी चुनावों में बैलेट पेपर की व्यवस्था लौटाई जाए। चौथी, जिन विधानसभा चुनावों में विपक्ष ने वोट चोरी के सबूत देने का दावा किया है, उन्हें रद्द किया जाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि लोगों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है और बसों व ट्रेनों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजधानी में हर तरफ पुलिस तैनात है। उनके मुताबिक, सरकार विपक्ष के प्रदर्शन को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले भी चुनाव आयोग और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना चाहता था, लेकिन उसे रोका गया।
राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी परेशान हैं और सवाल कर रहे हैं कि युवाओं को क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं और महिलाओं के साथ मारपीट की गई। राहुल ने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घरों में विरोध करने की सलाह दी थी, लेकिन विपक्ष ने प्रदर्शन के लिए तय जगह देने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि यह आंदोलन पांच दिन पहले शुरू नहीं हुआ, बल्कि विपक्ष को लंबे समय से रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे। राहुल ने कहा कि आंदोलन एक महीने, दो महीने या एक साल तक चले, वे न्याय मिलने तक डटे रहेंगे।
राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार का पूरा खाका उनके पास है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने इन अधिकारियों के नाम या अपने दावे के समर्थन में कोई अन्य विवरण नहीं दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाकर गलती कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगा और आंदोलन जारी रखेगा। राहुल ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता की नहीं, बल्कि देश की जनता, संविधान और लोकतंत्र के भविष्य से जुड़ी है।