कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक ओर राहुल भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोल रहे हैं वहीं बढ़ती महंगाई से उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। मुंबई में ही राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि था कि 'महागठबंधन' लोगों की संवेदनाओं की मांग है न कि सिर्फ राजनीतिक। उन्होंने कहा कि पूरा देश आरएसएस और भाजपा की नीतियों से पीड़ित है और वह महागठबंधन के माध्यम से एक होना चाहता है।
जिस तरह से राहुल महागठबंधन की बात कर रहे हैं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल देश में कांग्रेस के घटते कद से परेशान हैं। महागठबंधन के माध्यम वह एकबार फिर से देश में वापसी की कोशिश में जुटे हैं। वहीं इससे पहले राहुल ने पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों पर एक बार फिर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल ने कहा कि पेट्रोल के बढ़ते दामों ने आम आदमी के जीवन पर बोझ की तरह है।
उन्होंने कहा कि हम सरकार से बार बार पूछ रहे हैं कि पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं ला रही है सरकार, इसका बहुत बड़ा कारण है कि सरकार पेट्रोल के दामों को कम करने में रुचि नहीं ले रही है। यही नहीं राहुल कांग्रेस पार्टी से लोगों को जोड़ने का काम भी कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने बांबे हाई कोर्ट के जज अभय थिप्से को कांग्रेस पार्टी में शामिल किया।