फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र और दिल्ली में कांग्रेस को मजबूत बनाने की जड़ें खोजेंगे राहुल गांधी

Thu, 27 Jun 2019 08:16 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
विज्ञापन
राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संगठन के कामकाज में रुचि लेने लगे हैं। 25 मई के बाद से पार्टी के नेताओं से मिलना करीब-करीब बंद कर चुके राहुल गांधी से पिछले सप्ताह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मिल पाए थे। लेकिन बृहस्पतिवार 27 जून को उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र के नेताओं को बैठक के लिए बुलाया। वह बैठक में व्यस्त हैं। हरियाणा के नेताओं से चर्चा के बाद महाराष्ट्र के कांग्रेस के नेताओं से मिलेंगे। इसके बाद कल 28 जून को दिल्ली के नेताओं की बारी है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित से भी राहुल गांधी लोकसभा में हार के कारणों से लेकर अन्य सभी मुद्दों पर जानने की कोशिश करेंगे। 
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि शीला दीक्षित के अलावा दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी कांग्रेस अध्यक्ष जानकारी लेकर हालात की समीक्षा, नए उपाय तथा दिल्ली में कांग्रेस को सत्ता में लाने की जड़े खोजने में लगे हैं। शीला दीक्षित ने ही दिल्ली में कांग्रेस को अकेले चुनाव लड़ने की सलाह दी थी। शीला की सलाह के साथ कांग्रेस अध्यक्ष खड़े भी रहे, लेकिन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी। हालांकि शीला गुट का कहना है कि कांग्रेस बहादुरी से लोकसभा का चुनाव लड़ी। हर सीट पर कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर चले गए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के शीला गुट के एक नेता का कहना है कि यह सही है, हम सातो सीट पर चुनाव हार गए, लेकिन हमारे पास गिनाने के लिए कई उपलब्धियां हैं। 

अजय माकन खेमा शुरू से दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के पक्ष में था। इस खेमे के कांग्रेसी अब भी दावा कर रहे हैं यदि गठबंधन में पार्टी चुनाव लड़ती तो एक से दो सीट जीत सकते थे। भाजपा को तीन सीट का नुकसान होना तय था। फिलहाल शीला दीक्षित का ध्यान दिल्ली में कांग्रेस के प्रदेश संगठन में जान डालने पर केंद्रित है। शीला दीक्षित के खेमे के नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव में स्थिति काफी अलग होगी। अभी पार्टी के पास समय है और तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अगुवाई में पार्टी काफी कुछ कर सकती है। जय प्रकाश अग्रवाल समेत अन्य कांग्रेस नेताओं की कुछ अपनी चिंताएं हैं। माना जा रहा है कांग्रेस अध्यक्ष इन सब की राय पर ध्यान देकर आगे बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें