पार्टी की कमान संभालने के बाद राहुल गांधी ने बतौर सेनापति रविवार को कांग्रेस की कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की पहली बैठक में 2019 की लड़ाई को उसके मुकाम तक पहुंचा कर जीत में बदलने का नुस्खा बताया।
इसके साथ ही राहुल ने आगामी लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजा दी है और 2019 के चुनावी मैदान में कैसे शत्रुओं को शिकस्त देनी है इसके लिए भी अपनी सेना के सिपाहियों को युद्ध कौशल के गुर बताए और सैनिकों में जोश भरने की पूरी कोशिश की। वहीं राहुल ने घटक दलों को साथ लेकर विशेष रणनीति पर भी बात की।
बैठक में राहुल ने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस मोदी सरकार को सबसे बड़ा झटका देने जा रही है। पार्टी की कमान संभालने के बाद पहली बार कांग्रेस वर्किंग ग्रुप (CWC) की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए राहुल ने भाजपा-आरएसएस से लड़ने का नुस्खा भी बताया।
राहुल ने बताया कि हम सबको एकसाथ मिलकर इन नफरत भरी ताकतों से एकजुट होकर लड़ना होगा। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पी. चिदंबरम, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के अलावा कई अन्य नेताओं ने शिरकत की।
आरएसएस-भाजपा को हराने का नुस्खा
सीडब्ल्यूसी बैठक के समापन भाषण में राहुन ने बताया कि 'पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि चुनाव विपक्ष की एकता पर ही जीता जा सकता और यह पूरी तरह सच भी है। लेकिन विपक्ष की एकता के साथ अगर कांग्रेस पार्टी की विचारधारा नहीं जुड़ेगी तो फिर हम शॉर्ट टर्म चुनाव तो जीत जाएंगे, लेकिन हम लांग टर्म में आरएसएस और भाजपा से मुकाबला नहीं कर पाएंगे।'
राहुल ने कहा 'हमें इस पर विचार करने की जरूरत है कि आरएसएस क्या है, कैसे और किसके सहारे अपना काम कर रही है। आरएसएस की अलग-अलग संस्थाएं भारत सरकार के पैसों से बन रही हैं। भाजपा-आरएसएस मिलकर जहां भी सत्ता में आते हैं वहां सरकार का पैसा चोरी करके ही ये संस्थाएं बनाई जाती हैं। उदाहरण के तौर पर शिशु मंदिर सेल्फ फंडिंग वाला संस्थान नहीं है। सच तो यह है कि इन्हें मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार बनाती हैं।'
गठबंधन हो जाए तो भाजपा चुनाव जीत ही नहीं सकती
राहुल ने आगे कहा 'अगर आंकड़ों पर गौर किया जाए तो बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में हमारा गठबंधन होता है तो भाजपा किसी भी हालात में चुनाव नहीं जीत पाएगी। कांग्रेस पार्टी की विचाधारा पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कई लोगों ने अपने विचार रखे। कांग्रेस पार्टी की विचारधारा बहुत साधारण है। कांग्रेस सबकी पार्टी है। कांग्रेस गरीब, आदिवासी, पिछड़ो, अल्पसंख्यकों, किसानों और देश के सबसे कमजोर लोगों की पार्टी है। हम सबके हैं और सबकी बातें सुनते हैं। हम इस विचारधारा को पूरे देश में फैलाना चाहते हैं। और ऐसा सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है।'