महाराष्ट्र के जलगांव जिले के जामनेर तालुका के पाहुर गांव में पिछडे़ समुदाय के दो नाबालिग किशोरों को इसलिए पीटा गया क्योंकि दोनों एक सवर्ण के कुएं पर नहा लिए थे। इन किशोरों को न केवल पीटा गया बल्कि पूरे गांव के सामने नग्न अवस्था में घूमने पर मजबूर भी किया गया। पीटे गए इन किशोरों के साथ हुई बर्बरता मीडिया की सुर्खियां बटोर रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराया है। राहुल ने इस बर्बरता पर भाजपा और आरएसएस की मनुवादी सोच को दोषी ठहराया है।
राहुल ने लिखा है कि अगर आज हमने इस मनुवादी सोच और नफरत के खिलाफ आवाज बुलंद नहीं की तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा। उन्होंने आगे लिखा कि आज मानवता भी आखिरी तिनकों के सहारे अपनी अस्मिता बचाने में जुटी है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि महाराष्ट्र के इन दलित बच्चों का अपराध सिर्फ इतना था कि इन दोनों ने एक सवर्ण के कुएं में नहाने की हिमाकत कर डाली है।
बता दें कि किशोरों को पीटे जाने का वीडियो वायरल हो चुका है और पुलिस तक पहुंच चुका है। पुलिस के अनुसार, कुएं के मालिक ने अपने नौकर के साथ मिलकर इन दोनों के साथ ये बर्बरता दिखाई। 10 जून के इस मामले की जानकारी किशोरों के परिजनों को भी तब हुई जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
पाहुर थाना पुलिस ने 10 जून की रात को पीड़ित किशोरों में से एक के पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आरोपी ईश्वर जोशी और प्रहलाद लोहार को गिरफ्तार कर लिया और 11 जून को कोर्ट के सामने पेश करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने आरोप लगाया है कि राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद दलितों के खिलाफ इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं।
महाराष्ट्र की इस घटना में जिन किशोरों के साथ बर्बरता की जा रही है उनमें से एक की उम्र 15 साथ थी, जबकि दूसरा 16 साल का था। इन किशोरों का कसूर मात्र इतना था कि वे पड़ोस के गांव वकाडी में दूसरी जाति के एक किसान के कुएं में नहाने के लिए कूद गए थे।