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'हड्डियां तोड़ सकती है पुलिस, सत्याग्रह नहीं': राहुल गांधी ने बर्बरता पर उठाए सवाल, आखिर क्या है पूरा विवाद?

Fri, 16 Oct 2026 07:05 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से छात्रों पर किए गए कथित लाठीचार्ज के बाद राजनीति गरमा गई है। राहुल गांधी ने पीड़ित छात्रों से मुलाकात कर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बर्बरता करार दिया और केरल में जीरो एफआईआर दर्ज कराई है। कांग्रेस अब इस मामले को अदालतों और कानूनी रास्तों से आगे ले जाने की तैयारी में है।
 
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राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुए हमले की एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिस हड्डियां तोड़ सकती है लेकिन सत्याग्रह नहीं तोड़ सकती। राहुल ने यह बात उन छात्रों से मुलाकात के बाद कही जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
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छात्रों से मुलाकात कब और कहां हुई?
राहुल गांधी ने बुधवार को सोनिया गांधी के 10 जनपथ निवास पर घायल छात्रों से मुलाकात की। इनमें केरल की अथिरा और राजस्थान की रितु जैसी युवतियां भी शामिल थीं। छात्रों ने पुलिस द्वारा किए गए कथित अमानवीय व्यवहार का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हिरासत में उन्हें पीटा गया, निजी अंगों पर भी वार किए गए और बार-बार गालियां दी गईं। राहुल ने इसी मुलाकात का वीडियो भी शेयर किया।
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प्रदर्शन और विरोध का सिलसिला कैसे बढ़ा?
हाल के दिनों में छात्र संगठनों, विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ कई प्रदर्शन किए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और शहर से दूर डिटेंशन सेंटर ले जाया गया। सोमवार को विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों ने भारी बैरिकेडिंग के बीच ‘मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ निकाला और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। मंगलवार को राहुल गांधी ने अपने घर पर इंडिया ब्लॉक के नेताओं को चाय पर बुलाया। बैठक के बाद विपक्ष ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया।

राहुल गांधी ने दिलाई इतिहास की याद
1930 के धरासणा सत्याग्रह का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरोजिनी नायडू के नेतृत्व में निहत्थे सत्याग्रहियों ने पुलिस की लाठियों का सामना किया था, लेकिन किसी ने हाथ नहीं उठाया। आज भारत का युवा और खासकर युवा महिलाएं अपने लोकतंत्र की रक्षा के लिए बिना किसी डर के एकजुट होकर खड़ी हैं।

मामले से जुड़ी अब तक की बड़ी बातें
  • मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें दूरदराज के केंद्रों में ले जाकर बेरहमी से पीटा और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
  • छात्रों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें सबक सिखाने के नियत से उनके गुप्त अंगों पर चोट पहुंचाई और उनके साथ अभद्र गाली-गलौज भी की। वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्षी दलों ने मिलकर संसद से सुप्रीम कोर्ट के रास्ते तक बड़ा 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' निकाला।
  • राहुल गांधी ने विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक के शीर्ष नेताओं की चाय पर मेजबानी की, जहां सभी दलों ने वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई को उसके अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वे देश की आवाज बन रहे इन निडर प्रदर्शनकारी छात्रों के रास्ते में बाधा न बनें।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से क्या अपील की?
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बुधवार को छात्रों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों के रास्ते में न आएं क्योंकि ये देश की आवाज हैं। उन्होंने कहा कि बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। छात्रों के बयानों के अनुसार पुलिस ने उन्हें सबक सिखाने के मकसद से निशाना बनाया।

 
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