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अब तो राहुल गांधी को शादी कर लेनी चाहिए

Sat, 09 Jul 2016 10:25 AM IST
शिवम विज/ बीबीसी
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- फोटो : bbc
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राहुल गांधी ने वर्ष 2013 में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा था, "अगर मैं शादी कर लूंगा और बच्चे हो जाएंगे तो मैं यथास्थितिवादी हो जाऊंगा और चाहूंगा कि मेरे बच्चे मेरी जगह लें।" उनकी इस बात से लगा कि वो कभी शादी नहीं करेंगे।
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राहुल गांधी शादी करने जा रहे हैं, ये अफवाह ट्विटर पर फिर से जोर पकड़ रही है। यहां तक कहा जा रहा है कि जिस महिला से वो शादी करने जा रहे हैं, वो गांधी परिवार के गृह प्रदेश उत्तर प्रदेश के एक ब्राह्मण परिवार से आती है। यह प्रदेश राजनीतिक रूप से काफी अहम है और अगले साल यहां विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।

हालांकि भारतीय राजनीति में शादी करना कोई अनिवार्य शर्त नहीं रही है। भारतीय राजनीतिज्ञों में ऐसे नेताओं की खासी संख्या है जो या तो अकेले हैं या अलग हो चुके हैं। इसमें हमारे प्रधानमंत्री भी शामिल हैं। लेकिन राहुल गांधी के लिए, जो हाल ही में 46 वर्ष के हो गए, शादी कर लेना अपनी छवि को सुधारने का यानी एक दिशाहीन असफल व्यक्ति से एक जिम्मेदार पारिवारिक व्यक्ति में बदलने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है।
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शादी कहां होगी, कौन लोग बुलाए जाएंगे?

- फोटो : getty images
राहुल गांधी के लिए शादी करने से ज्यादा बेहतर जनसम्पर्क का कोई और तरीका नहीं हो सकता। एक हिंदू महिला से पूरे धूमधाम और रस्मों-रिवाज के साथ शादी कर लेना ही राहुल के लिए, करने की सबसे बेहतर चीज होगी। तंज और मजाक का विषय बनने वाले राहुल गांधी देखेंगे कि अचानक उनके बारे में बातचीत बदल गई है। 

तब मीडिया में ये सवाल नहीं उठेगा कि क्या राहुल गांधी के पास कांग्रेस को पुनर्जीवित करने का कोई तरीका है, हालांकि इसकी जिम्मेदारी अब उनकी बहन प्रियंका को मिलने वाली है। तब जनता के बीच राहुल गांधी के बारे में चर्चा का विषय उस महिला पर केंद्रित हो सकता है जिससे वो शादी करने जा रहे हैं। कौन है वो, वे कैसे मिले, क्या ये सही मैच है? शादी कहां होगी, कौन लोग बुलाए जाएंगे, खाने में क्या-क्या परोसा जाएगा?
 

'पप्पू अब सेटल हो गया है'

- फोटो : getty images
गांधी परिवार होने के नाते वो इसे एक छोटे से निजी आयोजन में महदूद रखना चाहेंगे। लेकिन उन्हें अपनी गोपनीयता और रहस्य बनाए रखने की आदत को एक बार छोड देना चाहिए और इसे एक मीडिया अभियान बना देना चाहिए। अगर वो स्मार्ट हैं, तो उन्हें भारत की जनता को अपनी निजी जिंदगी में झांकने का मौका देना चाहिए।

हिंदू दक्षिणंथी गांधी परिवार की छवि को न तो हिंदू और न ही भारतीय के रूप में गढने में सफल रहे हैं। भाजपा और आरएसएस ने भारतीय होने को एकाधिकार बना डाला है। इस छवि को बदलने के लिए एक शानदार भारतीय विवाह से बेहतर कुछ और नहीं हो सकता।

तब सुर्खियां होंगी, 'पप्पू अब सेटल हो गया है'। राहुल गांधी को राजनीति में यह एक नई शुरुआत दे सकता है। अभूतपूर्व रूप से आज की राजनीति छवि की राजनीति है। राहुल गांधी की शादी की छवियां उनके लिए सटीक पासा पलटने वाली हो सकती हैं।
 

बदलेगी राहुल गांधी की छवि

- फोटो : reuters
शादी करने से राहुल गांधी की जल्द उत्तेजित होने और मौजी स्वभाव की छवि थोड़ी बदलेगी। वो राहुल गांधी जो हर तीन महीने में यूरोप चले जाते हैं, वो राहुल गांधी जो एक मंझे हुए नेता की बजाय एक शौकिया दार्शनिक की तरह बात करते हैं। ये सब बातें पुरानी पड़ जाएंगी।

जैसा कि संभव है, अपनी पत्नी के साथ राहुल गांधी एक ऐसे व्यक्ति के रूप में दिखना शुरू कर सकते हैं जो परिपक्व बन चुका है। अगर वो उत्तर प्रदेश की महिला से शादी करते हैं, तो इसके राजनीतिक मायनों को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। भारत का यह सबसे महत्पूर्ण राज्य है और गांधी परिवार का गृह राज्य भी है। यहां कांग्रेस को पुनर्जीवित होने की सख्त जरूरत भी है।
 
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उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार एक भूली हुई दास्तां

समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस को यहां अप्रासंगिक बना दिया है, उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार एक भूली हुई दास्तां बन गया है। पार्टी का आधार इतनी बुरी तरह खिसका है कि वो अब अमेठी और रायबरेली की अपनी पारम्परिक सीटें भी नहीं जीत पाती।

यूपी से एक बहू घर लाने से ऐसा लगेगा कि गांधी परिवार अभी भी अपनी जड़ों से जुड़़ा हुआ है। बहू अगर ब्राह्मण हो तो ये और बेहतर है। उत्तर प्रदेश के 10 प्रतिशत ब्राह्मण कांग्रेस पार्टी के मुख्य वोटरों में एक रहे हैं। जबसे वाजपेयी राजनीति से जुदा हुए हैं, राज्य के ब्राह्मणों को लगता है कि उनके पास प्रदेश का एक भी वरिष्ठ ब्राह्मण नेता नहीं है।

गांधी परिवार का अपने ब्राह्मण अतीत से जुडना, आगे चलकर ब्राह्मण वोटों को आकर्षित करने में मददगार हो सकता है। लेकिन, ऐसा लगता नहीं है और हमें उम्मीद करनी चाहिए कि घुमक्कड राहुल अविवाहित ही बने रहेंगे।
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