राजनीति से हटकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को अपने स्कूल दिनों के गायन को याद किया। उनके बयान से कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी छा गई। राहुल ने कहा कि स्कूल के दिनों में उन्होंने अपने वरिष्ठ छात्रों के सामने घबराहट में एक गाना गया था, लेकिन उसके बाद सार्वजनिक रूप से कभी गाना नहीं गाया।
उन्होंने कहा कि मैं आपको बता नहीं सकता कि तब मुझे कैसा महसूस हो रहा था। एक दिन सभी छात्रों को कॉमन रूम में बुलाया गया। अपने वरिष्ठ छात्रों से घिरे हर छात्र को बारी-बारी से कहा जा रहा था कि वह कोई भी गाना सुनाए।
राहुल ने कहा कि उन्हें वह क्षण आज भी याद हैं। ‘मैं स्टूल पर खड़ा हो गया। मैं नहीं जानता था कि कैसे गाया जाता है इसलिए मैं कुछ देर चुपचाप खड़ा रहा। तब किसी ने चिल्लाया, ‘‘अरे कुछ तो गाओ यार’’। मैं बता नहीं सकता कि मैं कैसा महसूस कर रहा था।
घबराहट में गाना गया और जैसे ही गाना खत्म हुआ मैं झट से जैसे ही स्टूल से नीचे उतरा किसी ने चिल्लाया यह गाना नहीं, यह तो शोर है।’ ठहाकों के बीच उन्होंने कहा कि संभवत: वह पहला और आखिरी गाना था जिसे उन्हाेंने सार्वजनिक रूप से गाया था।