राहुल गांधी ने सोमवार को पहली बार दिल्ली में चुनाव प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी उनसे कितनी भी नफरत करें वे उनसे कभी कोई नफरत नहीं करेंगे। उलटे उनके लिए भी उनके दिल में प्यार है। कारोबारियों की नब्ज टटोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे कोई बड़ा वायदा नहीं करेंगे, लेकिन इतना अवश्य कहेंगे कि अगर केंद्र में उनकी सरकार आई तो वे व्यापार करना आसान बना देंगे।
किसी व्यापार को शुरू करने के लिए जगह-जगह बार-बार लाइसेंस नहीं लेना पड़ेगा और इसके लिए किसी सरकारी अधिकारी को घूस नहीं खिलानी पड़ेगी। दिल्ली के थोक बाजार के रूप में अपनी पहचान रखने वाले सदर बाजार में व्यापारियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे लोगों को इतनी छूट दे देंगे कि जब वे अपने व्यापार को एक निश्चित ऊंचाई तक ले जा चूकेंगे तब स्वेच्छा से वे अपने व्यापार के लिए लाइसेंस ले सकेंगे।
चांदनी चौक से कांग्रेस नेता जेपी अग्रवाल चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के वर्तमान सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से है। आम आदमी पार्टी की तरफ से पंकज गुप्ता भी यहां से अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
युवाओं को 22 लाख सरकारी नौकरी और गरीबों के लिए 72 हजार रुपए की वार्षिक आर्थिक सहायता की जानकारी देते हुए एक बेहतर भविष्य देने का वायदा किया। राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली का युवा केवल व्यापार करने या सरकारी नौकरी करने का सपना देखता है। लेकिन इस सरकार ने उसके सपने देखने पर ही प्रतिबंध लगा दिया। उनकी सरकार युवाओं को अपने सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर देगी। राहुल ने बेरोजगारी को युवाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बताया और कहा कि वे ग्राम पंचायतों में दस लाख युवाओं को भी नौकरी के अवसर देंगे।
सभा में हुई अव्यवस्था
राहुल गांधी की सोमवार की सभा दिल्ली के बेहद व्यस्त सदर बाजार क्षेत्र में आयोजित किया गया। उन्हें सुनने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़ आये थे जबकि जगह काफी छोटी थी। सम्भवतः यही कारण रहा कि जनसभा में कुछ अव्यवस्था हो गई। भीड़ में कुछ लोग गिर पड़े और खुद को बचाने के लिए लोग तेजी से पीछे हटने लगे जिससे भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस के जवानों ने स्थिति को संभाल लिया और कोई अप्रिय घटना नहीं घटने पाई।