कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को भाजपा और आरएसएस पर असम को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस असम समझौते के हर सिद्धांत की रक्षा करेगी और यदि वह प्रदेश की सत्ता में आती है तो यहां कभी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लागू नहीं होने देगी।
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर असम को बांटने का आरोप लगाया
असम विधानसभा चुनाव से पहले शिवसागर में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि प्रदेश को अपने मुख्यमंत्री की जरूरत है जो लोगों की आवाज व मुद्दे सुने व उनका समाधान निकाले न कि नागपुर और दिल्ली की केवल सुने। उन्होंने कहा कि रिमोट कंट्रोल से टीवी चल सकता है न कि मुख्यमंत्री।
मौजूदा मुख्यमंत्री केवल नागपुर और दिल्ली की सुनते हैं। यदि असम को फिर से ऐसा मुख्यमंत्री मिला तो लोगों को कोई फायदा नहीं होगा। प्रदेश को एक युवा मुख्यमंत्री की जरूरत है जो उन्हें नौकरी दे। पीएम, गृहमंत्री और उनके ‘करीबी’ उद्योगपतियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि असम के लिए उनका नया नारा है, हम दो हमारे दो, असम के लिए हमारे और दो, और सब कुछ लूट लो।
उन्होंने प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और पीएसयू को देश के दो बड़े उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान सार्वजनिक धन की जमकर लूट की और अपने दो कारोबारी दोस्तों का भारी भरकम लोन माफ कर दिया।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई असम में हिंसा को खत्म कर शांति लाए। असम समझौते से शांति आई और यह प्रदेश का रक्षक है। वह और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस समझौते के हर सिद्धांत की रक्षा करेंगे। इसके एक भी सिद्धांत से हटेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि असम में अवैध आव्रजन एक मुद्दा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के लोगों में संवाद के जरिए मुद्दे का समाधान निकालने की क्षमता है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर असम समझौते के मुद्दे पर प्रदेश को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि असम विभाजित हुआ तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रभावित नहीं होंगे बल्कि असम के लोग और सारा देश प्रभावित होगा।
विवादास्पद सीएए पर उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इस कानून को किसी भी हालात में लागू नहीं होने देगी। राहुल समेत पार्टी के सभी नेता गमछा पहने हुए थे जिसमें सीएए लिखकर उस पर क्रॉस का निशान बना हुआ था।