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पेगासस देशद्रोह का मामला: राहुल गांधी ने कहा- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो न्यायिक जांच

Sat, 24 Jul 2021 03:00 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराए जाने और गृहमंत्री शाह के इस्तीफे की मांग की।
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राहुल गांधी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भारत और इसकी संस्थाओं के खिलाफ पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल किया और इसके लिए केवल एक ही शब्द है...देशद्रोह।

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विजय चौक पर पत्रकारों से बात करते हुए राहुल ने कहा कि उनका फोन टैप हो रहा है, यह उन्हें पता है। खुफिया ब्यूरो के कई अधिकारियों ने यह बोला कि सर, आपका फोन टैप हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनके दोस्तों को फोन करके बोला जाता है कि आप राहुल गांधी को यह बता दीजिए कि उन्होंने यह बात कही थी।

उन्होंने कहा कि ये उनकी निजता का मामला नहीं है। वह विपक्ष के एक नेता हैं। वह जनता की आवाज उठाते हैं, यह उस पर हमला है। वह इससे डरते नहीं हैं और उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि अगर आप भ्रष्ट हैं, अगर आप चोर हैं तो आपको डर लगेगा, मोदी जी से आप डरोगे। अगर आप भ्रष्ट नहीं हो, अगर आप चोर नहीं हो, मोदी जी से आपको बिल्कुल डर नहीं लगेगा, हंसी आएगी।
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उन्होंने कहा कि पेगासस ऐसा हथियार है जिसे इस्राइल द्वारा आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए क्लासीफाइड किया गया है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने इस हथियार का इस्तेमाल भारत और हमारी संस्थाओं के खिलाफ किया है। उन्होंने इसका राजनीतिक इस्तेमाल किया, इसका उन्होंने कर्नाटक में इस्तेमाल किया।

उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि ये सूचना क्लासीफाइड है, इसलिए नहीं बता सकते हैं। यहां हर कुछ क्लासीफाइड है। हर फाइल क्लासीफाइड है। राफेल क्लासीफाइड है और यह भी क्लासीफाइड है।

इसके लिए केवल एक शब्द है, और वह है देशद्रोह। उन्होंने कहा कि हमारी सीधी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी न्यायिक जांच हो ताकि देश को पता चले कि ये देशद्रोह किसके कहने पर किया गया, पीएम या गृहमंत्री।

स्थायी समिति को सवाल पूछने का हक : थरूर
सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष व कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमारे सामने दो एजेंडा हैं, सिटिजंस डाटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी एंड साइबर सिक्योरिटी। पेगासस मामला इन एजेंडों के तहत आते हैं। स्थायी समिति को सरकारी सचिवों से सवाल पूछने का पूरा हक है। हम सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच की मांग करते हैं।

कांग्रेस सांसद ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस सांसद बी माणिकम टैगोर ने शुक्रवार को पेगासस प्रोजेक्ट मीडिया रिपोर्ट को लेकर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि स्थगन प्रस्ताव देने के पीछे उनका मकसद यह है कि सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं, सांविधानिक संस्थाओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं की जासूसी कराए जाने के आरोपों पर सदन में चर्चा हो।

संसद परिसर में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने किया प्रदर्शन
कांग्रेस, डीएमके और शिवसेना समेत अन्य कई विपक्षी दलों के नेताओं ने पेगासस जासूसी विवाद को लेकर संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सांसदों ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारी नेताओं ने अपने हाथ में एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर ‘वी डिमांड सुप्रीम कोर्ट मॉनीटर्ड ज्यूडिसियल प्रोब’ (हम सुप्रीमकोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग करते हैं) लिखा हुआ था। उन्होंने ‘जासूसी बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री सदन में आओ’ के नारे भी लगाए।

फ्रांस-इस्राइल जांच करा रहे, भारत ने बहस से कर दिया मना : चिदंबरम
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, आजादी के पैमाने पर, भारत का रुख फ्रांस जैसे उदार लोकतंत्र और इस्राइल जैसे कठोर लोकतंत्र के खिलाफ है।

फ्रांस ने जांच का आदेश दिया और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई तो वहीं इस्राइल ने फोन जासूसी के आरोपों की समीक्षा के लिए एक आयोग का गठन किया। वहीं भारत ने इस मामले पर बहस करने से इनकार कर दिया और कहा कि ये अनधिकृत सर्विलांस थी।

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