बता दें कि आरएसएस को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'मेरा मानना है कि आरएसएस व संबंधित संगठन को संघ परिवार कहना सही नहीं। परिवार में महिलाएं होती हैं। बुजुर्गों के लिए सम्मान होता है। करुणा और स्नेह की भावना होती है, जो आरएसएस में नहीं है। अब आरएसएस को संघ परिवार नहीं कहूंगा।'
बता दें कि असम में चुनावी रैली के दौरान भी राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि नागपुर की एक शक्ति पूरे देश को नियंत्रित नहीं कर सकती। नागपुर से असम को नियंत्रित नहीं किया जा सकता। वहीं, तमिलनाडु में उन्होंने कहा था कि भाजपा का पैतृक संगठन तमिलनाडु का भविष्य तय नहीं कर सकता और इसका फैसला राज्य की जनता एवं इसके युवा करेंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के एक वर्चुअल कार्यक्रम में भी राहुल गांधी ने आरएसएस पर जमकर हमला बोला था। भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु के साथ हुए एक संवाद के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि आरएसएस अपने द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों का इस्तेमाल विश्व के बारे में एक विशेष विचार को आगे बढ़ाती है जैसे पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी मदरसे करते हैं।