कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि राफेल मुद्दे पर ‘‘ताजा खुलासों’’ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है और उनकी अकड़ निकल गई है।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के खिलाफ वैचारिक लड़ाई जीत रही है।
कांग्रेस के संसदीय दल की आमसभा की बैठक को संबोधित करते हुए गांधी ने राफेल सौदे को भारतीय रक्षा बलों के साथ सुनियोजित लूट करार दिया और आरोप लगाया कि केवल लड़ाकू विमान करार नहीं बल्कि मोदी सरकार के तहत हर एक सौदे में यही किया गया।
गांधी ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को चुना गया और फिर पूरी प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दिया गया। इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा में कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद सहित अन्य ने भाग लिया।
राहुल गांधी ने कहा, राफेल पर एक के बाद एक खुलासे... आज का हिन्दू अखबार देखिए, नये सौदे की पूरी बात, इसके सस्ते होने की बात और विमानों की जल्दी जरूरत की बात, सब कुछ खत्म हो गई।उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, इसलिए, प्रधानमंत्री के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है, आप यह उनके चेहरे को देखकर समझ सकते हैं, आप उनके हावभाव देख सकते हैं, आप देख सकते हैं कि (उनकी) अकड़ निकल गई।
गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार का हमला सुनियोजित रहा है। उन्होंने कहा, हम वैचारिक जंग में भाजपा को हरा रहे हैं। हम रोजाना समाचारों में भाजपा को हरा रहे हैं और अब कांग्रेस पार्टी जनता के मन और भावना में मजबूती से बस गई है।
कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि ऐसी केवल एक ही पार्टी है (कांग्रेस) जो पूरे देश की बात करती है। बाकी अन्य दल भारतीय समाज के एक वर्ग की बात करते हैं। गांधी ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा देश को विभाजित करती है और देश के केवल एक भाग की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एकमात्र पार्टी है जो भारत के विचार की रक्षा करती है और इसलिए देश की संस्थाओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी उसी की है।
गांधी ने कहा, आप 2019 में यह देखेंगे...आप देखेंगे कि आपके साथ खड़े लोगों की संख्या आपको आश्चर्यचकित कर देगी। कांग्रेसी नेता ने सांसदों की सराहना करते हुए कहा, 2019 में जो होने जा रहा है उससे आप हैरान हो जाएंगे और अगर आपने संसद में अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा होता तो यह संभव नहीं हो पाता।
गांधी ने दावा किया कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता और भाजपा की लोकसभा में केवल एक आवाज है जो नरेंद्र मोदी की है। उन्होंने आरोप लगाया, उनके बोलने से पहले वे सोचते हैं कि वह (मोदी) क्या बोलने वाले हैं, वह क्या सोचने वाले हैं और यही निरंतर किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय जैसी संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है।गांधी ने कहा कि आम लोगों को अहसास हो गया है कि मोदी वह नहीं हैं जो वह दावा करते हैं और आरएसएस वह नहीं है जो वह दावा करता है। वे असल में भारत के विचार पर हमला कर रहे हैं और इस विचार की रक्षा एक ही बल कर सकता है वह कांग्रेस पार्टी है।
गांधी ने कहा कि लोकसभा में जब पार्टी को केवल 40 के करीब सीटें मिलीं तो सभी ने सोचा कि सरकार के 280 से अधिक सदस्यों के सामने उन्हें नहीं सुना जाएगा लेकिन कांग्रेस के सांसदों ने मजबूती से अपनी बात रखी और उन्होंने सदन में खुद को सुनने के लिए मजबूर किया।