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'असत्य और हिंसा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत': राहुल गांधी ने किया वांगचुक का समर्थन, भूख हड़ताल पर और क्या कहा?

Sat, 18 Jul 2026 04:16 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत "असत्य और हिंसा" हैं। राहुल गांधी ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
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राहुल गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत "असत्य और हिंसा" हैं।कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उस समय हटाया जाना गलत है, जब वह अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे।
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कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की। पार्टी ने कहा कि वांगचुक को वहां से हटाने की घटना देश के लोकतंत्र और संविधान पर एक "कलंक" है। दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को प्रदर्शनस्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने इसे लेकर कहा है कि उसने दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया है।

ये भी पढ़ें: Explainer: सोनम वांगचुक का आंदोलन और अनशन से कितना पुराना नाता, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कर चुके?
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राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे भारत के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "कितना भी बल प्रयोग कर लिया जाए, भारत के छात्रों और उन लोगों को, जो उनसे प्रेम करते हैं और उन पर विश्वास रखते हैं, इन मुद्दों को उठाने से नहीं रोका जा सकता।"

सोनम वांगचुक को हटाने पर क्या बोली पुलिस?
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब शनिवार तड़के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई।
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने कहा कि वांगचुक की तबीयत खराब होने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ। हालांकि, पुलिस ने अधिकतम संयम बरतते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की।

पुलिस कार्रवाई पर सीजेपी ने लगाए क्या आरोप?
पुलिस की कार्रवाई के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "दिल्ली पुलिस ने मेरे साथ मारपीट की और मुझे हिरासत में ले लिया।" सीजेपी ने भी 'एक्स' पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें सोनम वांगचुक को सफेद चादर में लपेटकर प्रदर्शन स्थल से ले जाते हुए दिखाया गया। 

कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा, "20 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एक कमजोर बुजुर्ग को सफेद चादर में लपेटकर दिल्ली पुलिस उठा ले गई। यह देश के लिए शर्म की बात है।"

ये भी पढ़ें: Congress: वांगचुक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, कहा- अधिकारों का हो रहा दमन

केजरीवाल ने लोगों से की क्या अपील?
आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। उन्होंने एक्स पर कहा, ''नीट का पेपर लीक हो गया। सीबीएसई के इवैल्युएशन सिस्टम में बहुत बड़ा घोटाला हो गया। लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया। सोनम वांगचुक सिस्टम को ठीक कराने के लिए अनशन पर बैठे। सोनम वांगचुक के घर में कोई बच्चा प्रभावित नहीं हुआ है। वो आपके बच्चों के लिए अनशन पर बैठे थे।''

उन्होंने आगे कहा, ''अब अभिजीत दीपके अनशन पर बैठे हैं। उनके घर में भी कोई बच्चा प्रभावित नहीं है। जब आपके घर में कोई बच्चा सड़ी-गली परीक्षा व्यवस्था से प्रभावित होता है, तो आप सरकार को गालियां देते हो, खूब शिकायतें करते हो। आज जब वो जंतर-मंतर पर आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, तो आप घर में क्यों बैठे हो?''
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केजरीवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा, ''आज अगर आप जंतर-मंतर नहीं गए, तो कल फिर कोई परीक्षा लीक हो तो शिकायत मत करना। हमें सबको मिलकर सड़कों पर उतरना होगा, सबको मिलकर आवाज उठानी पड़ेगी। सबके एकजुट होने पर ही सरकार सुनेगी, वरना ये सरकार नहीं सुनेगी। पेपर भी लीक होते रहेंगे, हमारे बच्चे आत्महत्या भी करते रहेंगे और ये सड़ा-गला सिस्टम ऐसे ही चलता रहेगा। तुरंत जंतर-मंतर पहुंचो।''

कब से भूख हड़ताल पर बैठे थे वांगचुक?
सोनम वांगचुक और एआईएसए के तीन कार्यकर्ता 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वे सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे उस प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं, जिसमें नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और उससे जुड़े छात्र मौतों के मामलों को लेकर विरोध किया जा रहा है। पिछले तीन सप्ताह में उनकी सेहत लगातार गिरती रही है।

सीजेपी पिछले 25 दिनों से अधिक समय से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। संगठन की मांग है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। वांगचुक 28 जून को इस आंदोलन में शामिल हुए थे और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इससे पहले कांग्रेस ने भी सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी और उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई थी।
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