राजनाथ सिंह, राहुल गांधी (फाइल फोटो)
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केरल सहित देश के विभिन्न राज्यों में किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या पर लोकसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच वार पलटवार हुआ। शून्यकाल के दौरान राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से की जा रही अनदेखी के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जवाब में राजनाथ ने किसानों की स्थिति में सुधार का दावा करते हुए कहा कि सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वालों की अनदेखी से किसानों की हालत बदतर हुई है।
राहुल ने अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में 18 किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार अन्नदाताओं के बदले उद्योगपतियों पर मेहरबान है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देश के बावजूद बैंक किसानों की संपत्ति गिरवी रखने के अलावा कठोर कार्रवाई कर रहे हैं। मोदी सरकार ने जहां करोड़ों किसानों के हित में महज 4.3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं चंद उद्योगपतियों का 5.5 लाख करोड़ रुपये का ऋण माफ किया। सरकार को किसानों से किया गया अपना वादा निभाना चाहिए।
जवाब में रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि किसानों की हालत महज 4-5 साल में दयनीय नहीं हुई। इनकी यह स्थिति लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले दल की अनदेखी से हुई है। जहां तक मोदी सरकार का सवाल है तो इस सरकार ने बीते पांच वर्ष में किसानों को जितना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया, वह आजाद भारत में सबसे अधिक है। किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 6000 रुपये प्रतिवर्ष दिया जा रहा है। एक रिपोर्ट में किसानों की आमदनी में 20 से 22 फीसदी बढ़ोत्तरी की बात कही गई है। जहां तक किसानों की आत्महत्या की बात है तो बीते सरकार के कार्यकाल में इसमें कमी आई है।