कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र में अलग मत्स्यपालन मंत्रालय करने का वादा किया है। हाल ही में पुुडुचेरी में राहुल ने मत्स्यपालन मंत्रालय न होने का दावा किया था, जो गलत था। केरल में राहुल ने मछुआरों की मांगों को आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणापत्र में शामिल करने का वादा किया।
राहुल ने कहा, भूमि पर खेती करने वालों की तरह आप समुद्र में खेती करते हैं। किसानों के लिए दिल्ली में मंत्रालय है, लेकिन आपके लिए नहीं। दिल्ली में आपकी आवाज कोई नहीं उठाता। केंद्र में कांग्रेस सरकार बनने पर सबसे पहले मत्स्यपालन मंत्रालय बनाया जाएगा ताकि आपके हित संरक्षित हो सकें।
राहुल ने बुधवार को कोल्लम के थंगासरी बीच पर मछुआरों से मुलाकात की। कांग्रेस नेता ने कहा, मैं समझता हूं कि आपको क्या चाहिए। आप जो करते हैं मैं उसकी सराहना करता हूं। हम मछली खाते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि यह हमारी प्लेट तक कैसे पहुंचती है। हम इसे पकड़ने के पीछे की मेहनत को नहीं समझ सकते।
आगे कहा कि अगले दो तीन दिन में मैं केरल के मछुआरों, कांग्रेस पार्टी और यूडीएफ से बात करूंगा और तय करूंगा कि हमारा घोषणापत्र कैसा हो। राहुल ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ईंधन की कीमतें हर दिन बढ़ती जा रही हैं और मछुआरे एक तय आकार से बड़ा इंजन नहीं खरीद सकते।
राहुल ने मछुआरों के साथ पकड़ी मछली
राहुल ने वाडी बीच पर कुछ मछुआरों के साथ नाव पर सवार होकर समुद्र में उतरे और करीब एक घंटा उनके साथ बिताया। इस दौरान राहुल ने मछली भी पकड़ी। उन्होंने जाल फेंका, लेकिन उसमें सिर्फ एक ही मछली फंस पाई।
राहुल गांधी की राजनीति झूठ पर आधारित: स्मृति
केरल के मछुआरों से केंद्र में मत्स्य पालन मंत्रालय का वादा करने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। स्मृति ने कहा, राहुल की राजनीति झूठ पर आधारित होती है। वह बार बार झूठ बोलकर अपनी पार्टी के लिए शिकस्त प्रतिस्थापित की है। राहुल आज भी मत्स्यपालन मंत्रालय को लेकर झूठ बोल रहे हैं। मंत्रालय से संबंधित डाटा उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। हैरानी करने वाली बात है कि यह सज्जन खुद ही मंत्रालय से सवाल पूछ चुके हैं। मुझे लगता है कि राहुल की नफरतभरी राजनीति न केवल झूठ पर आधारित है, जिससे न सिर्फ लोगों का अपमान होता है बल्कि यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच दीवार पैदा करती है। प्रत्येक भारतीय नागरिक को इसकी निंदा करनी चाहिए।