फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमित शाह के वार से राहुल गांधी ने किया भाजपा को चित

Sat, 19 May 2018 09:26 PM IST
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
विज्ञापन
राहुल गांधी, अमित शाह
विज्ञापन
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की जरा सी लापरवाही और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चतुराई ने देखते ही देखते गोवा में सत्ता लपक ली थी। इसके बाद अमित शाह रुके नहीं। लेकिन इस बार नये-नवेले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के इसी वार से भाजपा के दिग्गज नेता बीएस येदियुरप्पा को चित कर दिया। राजनीति के जानकार मानते हैं कि कांग्रेस के इस वार की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को गहरी टीस हुई होगी।
विज्ञापन


क्यों भाजपा को चुभेगी कर्नाटक की कील

कर्नाटक में भाजपा ने प्लान ए और बी के तहत काम किया, लेकिन कांग्रेस ने राजनीतिक खेल कर दिया। प्रधानमंत्री ने अपनी जनसभा से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की तारीफ की तो केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार और एचडी कुमार स्वामी की मुलाकात चर्चा का विषय बनी रही। कर्नाटक में लंबे समय से सक्रिय मीडिया मित्रों के अनुसार आखिरी समय में भाजपा ने अपने कई उम्मीदवार बदले। कुल मिलाकर इसका अच्छा फायदा (104 सीट) हुआ। कांग्रेस को इसका नुकसान (78 सीट) उठाना पड़ा। महज दो निर्दलीय ही जीत पाए। जद(एस) कांटे के चुनाव में बसपा के साथ 38 सीट पाने में सफल रही।

कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक खेल इसके बाद शुरू हुआ। जद(एस) के एचडी कुमारस्वामी की महत्वाकांक्षा को भांपकर कांग्रेस ने उन्हें सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन दे दिया। एचडी देवगौड़ा भी अपनी धर्म निरपेक्ष छवि बनाए रखना चाहते थे। इतना ही नहीं वाम दल समेत अन्य राजनीतिक दलों की बिरादरी को भी वह नहीं छोड़ना चाहते थे। वहीं एचडी कुमारस्वामी को भाजपा मुख्यमंत्री बनाने के लिए तैयार नहीं थी। भाजपा को भरोसा था कि उसके सांसद श्रीरामुलु, दो बार के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक भाजपा के बड़े नेता ईश्वरप्पा, सदानंद गौड़ा, गली जनार्दन रेड्डी के सहयोग से छह-आठ विधायकों का समर्थन हासिल हो जाएगा। 
विज्ञापन


एक विधायक आंग्ल इंडियन ओरिजिन से होगा और एक विधानसभा सीट पर बाद में होने वाले चुनाव में उसे सफलता मिल जाएगी। इसके पीछे की वजह केन्द्र में सरकार का होना, राज्य में वजूभाई का गवर्नर होना भी था। लेकिन इनमें से कोई भी ढाल भाजपा के काम नहीं आई। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि एचडी कुमारस्वामी अवसरवादी हैं। इधर-उधर कूदते रहते हैं। प्रकाश जावड़ेकर की टीम के सदस्यों का कहना है कि कांग्रेस-जद(एस) की बनने वाली सरकार छह महीना पूरा कर ले तो बड़ी बात होगी। बीएस येदियुरप्पा ने भी इस गठबंधन को अवसरवादी बताया है। दरअसल यह भाजपा की टीस है।

कांग्रेस को फायदा 

कांग्रेस को कर्नाटक प्रकरण में रणनीतिक लाभ हुआ है। कांग्रेस के नेता कर्नाटक में भाजपा को चित करके पूरे देश में यह संदेश देने में सफल रहे कि भाजपा सत्ता पाने के लिए कुछ भी कर सकती है। वह संविधान की धज्जियां भी उड़ा सकती है। इस पूरे प्रकरण में कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई रुदाभाई वाला की छवि को भी गहरा झटका पहुंचा है।

राजनीतिक लाभ के क्रम में विपक्षी एकता को बल मिला है। कमजोर हो रहे विपक्षी दलों में भाजपा के खिलाफ मुखर और एकजुट होने की इच्छाशक्ति लौटी है। इतना ही नहीं कांग्रेस विपक्षी दलों की धुरी बन गई है। इसका आने वाले समय में सबसे बड़ा लाभ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की छवि को हो सकता है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें