पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह अब पीएम मोदी की निजी विदेश नीति बन गई है और पूरी दुनिया इसे मजाक मानती है। राहुल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के नियंत्रण में हैं। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या कहा?
पश्चिम एशिया में बीते 25 दिनों से जारी संघर्ष के चलते अब भारत की राजनीति में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। जहां एक तरफ सोमवार को लोकसभा के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में भी पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत सरकार का रुख साफ किया। वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर उनकी विदेश नीति को लेकर जमकर निशाना साधा।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी विदेश नीति बन गई है। इस बात का असर हम देख पा रहे हैं कि ये एक मजाक बनकर रह गया है। पूरी दुनिया इसे मजाक मानती है। राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने दी चेतावनी
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में हैं। ट्रंप को पूरा पता है कि पीएम मोदी क्या करने वाले हैं और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर हुई, तो देश की विदेश नीति भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर लिया, कल संसद में बेतुका भाषण दे दिया। इससे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कोई ठोस रुख नहीं दिखाई दिया।
आम जनता को करना पड़ेगा मुश्किलों का सामना- राहुल
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के इन कारणों के चलते आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि एलपीजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें। राहुल गांधी ने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने हालात को कोविड जैसी स्थिति से जोड़कर बताया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कोविड के दौरान कितनी जानें गईं और कितनी त्रासदियां हुईं।
साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि वे केरल में अपने कार्यक्रम के कारण सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में ढांचागत गलती हुई है और इसे सुधारा नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अमेरिका और इस्राइल के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं और देश तथा किसानों के हित में निर्णय नहीं लेते। उनका कहना था कि यह स्थिति देश और जनता के लिए चिंता का विषय है।