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लोकसभा: एपस्टीन फाइल्स, ट्रंप की धौंस से लेकर अमेरिका के दबदबे तक... राहुल गांधी ने इन बातों पर सरकार को घेरा

Wed, 11 Feb 2026 02:16 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज (बुधवार, 11 फरवरी) संसद में जमकर बरसे। उन्होंने बजट से लेकर अमेरिका से हुई ट्रेड डील पर केंद्र सरकार को घेरा। भाजपा सरकार पर राहुल गांधी ने एक बाद कई प्रहार किए। ऐसे में पढ़िए राहुल गांधी के संबोधन की 10 बड़ी बातें... 
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लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज आम बजट 2026 पर चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान राहुल काफी आक्रामक तेवर में दिखाई दिए। उन्होंने बजट को आज के दौर के मुताबिक नाकाफी बताया। इसी के साथ उन्होंने अमेरिका के बढ़ते दबदबे और भारत के साथ हुए हालिया व्यापार समझौते पर अपनी बात सदन में रखी। राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स से लेकर अमेरिका की धौंस का मुद्दा उठाया। साथ ही सरकार को घेरते हुए अदाणी-अंबानी को लेकर भी जमकर घेरा। 
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राहुल बोले-एपस्टीन, 3 मिलियन फाइलें अभी भी बंद
राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ भारत के व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मैं कह रहा हूं कि आपने भारत बेच दिया है। क्या आपको भारत बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है। मजेदार बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री भारत को नहीं बेचते। आपको पता है उन्होंने भारत क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं। उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है। हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं। वो बातें हैं- एपस्टीन। 3 मिलियन फाइलें अभी भी बंद हैं।

डाटा को लेकर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि हम पाकिस्तान के बराबर नहीं बनेंगे। अगर राष्ट्रपति ट्रंप ने तय किया कि पाकिस्तान आर्मी चीफ उनके साथ ब्रेकफास्ट करेंगे, तो हमें इस बारे में कुछ कहना होगा। अब क्या हुआ? आपने एक ट्रेड डील की है, जो चीज 21वीं सदी में भारत को बदलने वाली है, जो चीज हमें 21वीं सदी में सुपरपावर बनाने वाली है। मोदी सरकार ने हमारे डाटा के साथ यही किया है। हम अपने डिजिटल ट्रेड रूल्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं। नंबर दो, डाटा लोकलाइजेशन की कोई जरूरत नहीं है। नंबर तीन, अमेरिका में फ्री डाटा फ्लो। नंबर चार, डिजिटल टैक्स पर लिमिट। नंबर पांच, किसी भी सोर्स कोड को बताने की जरूरत नहीं है। फाइनेंस मिनिस्टर मुस्कुरा रही हैं। उन्हें मुस्कुराना बहुत पसंद है। जो कोई भी चाहे, बड़ी टैक्स कंपनी को 20 साल की फ्री टैक्स हॉलिडे। आपने डेटा पर यही किया है। 
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अमेरिका संग बराबर की शर्त रखनी होगी
इसी के साथ राहुल गांधी ने व्यापार समझौते को लेकर कहा कि अगर INDIA गठबंधन राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता। मैं आपको बताता हूं कि हम क्या कहते। सबसे पहले हम प्रेसिडेंट ट्रंप से कहते, इस समीकरण में सबसे जरूरी चीज इंडियन डाटा है। आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं? हम आपके दोस्त हैं। हम आपकी तारीफ करते हैं। हम आपके डॉलर को बचाने में आपकी मदद करना चाहते हैं। लेकिन प्लीज याद रखें कि अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं, तो सबसे बड़ी एसेट जो आपके डॉलर को बचा सकती है, वह इंडियन लोगों के पास है। वह है डाटा। आपको हमसे बातचीत करने में बराबरी से शर्तें रखनी होंगी। 

अमेरिका फैसला करता है हम किससे तेल खरीदेंगे: राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि हमारी ताकतवर टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर 18 फीसदी टैरिफ लग रहा है। अगर बांग्लादेश अमेरिका से कॉटन इंपोर्ट करता है तो उस पर शून्य टैरिफ लगेगा। यानी हमारे कपड़ा उद्योग तो गया। अब अमेरिका फैसला करता है कि हम किससे तेल खरीदेंगे। रूस और ईरान किससे खरीदेंगे, यह सब फैसले अमेरिका करता है, हमारे प्रधानमंत्री नहीं करते। राहुल ने कहा कि शुरुआत में अमेरिका हम पर तीन फीसदी टैरिफ लगाता था, अब वह 18 फीसदी टैरिफ लगाता है। अमेरिका से हमारा आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर होने वाला है। उन्होंने हमसे कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है। हमने उनसे कई प्रतिबद्धताएं की हैं। हमारे टैरिफ बढ़ गए हैं, उन पर लगने वाले टैरिफ 16 से शून्य पर आ गए हैं।

पीएम की आंखों में डर दिख रहा है: राहुल
राहुल ने अपने संबोधन में कहा कि आपने हमारे किसानों को कुचलने के लिए अमेरिकी कृषकों के लिए भारत के बाजार खोल दिए हैं। यानी हम एक तूफान झेल रहे हैं। आप यह स्वीकार कर रहे हैं। क्या मतलब है कि अमेरिका हमसे कहे कि आप किससे तेल खरीदेंगे, किससे नहीं। क्या मतलब है अगर अमेरिका हमसे कहे कि आप पर इतना टैरिफ कब बढ़ेगा और कब कम होगा। यानी उन्होंने ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया है। आप किस तरह इस सदन में आकर इस ट्रेड डील के बारे में बात कर सकते हैं। क्या आपको शर्म नहीं आती। मैं कह रहा हूं कि आपने भारत को बेच दिया है। हमारी भारत माता को बेच दिया है। क्या आपको शर्म नहीं आती। प्रधानमंत्री ने भारत को इसलिए बेच दिया, क्योंकि उनकी गर्दन पर चोक (पकड़) कर लिया गया है। इनकी गर्दन फंसी है, इसलिए देश को बेच रहे हैं। पीएम की आंखों में डर दिख रहा है।

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अदाणी-अंबानी पर सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में अदाणी-अंबानी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर हमारे बजट के केंद्र में देखेंगे तो मैंने कहा था जिजित्सु में चोक दिखती है, राजनीति में नहीं दिखती। हमारे बजट के केंद्र में अदाणी की कंपनी एक साधारण कंपनी नहीं है। समझिए उनके खिलाफ अमेरिका में जो केस है, वह प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना है। भारत पर नहीं। वहीं उन्होंने आगे कहा कि एक व्यापारी अनिल अंबानी हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि वह जेल में क्यों नहीं हैं? वजह यह है कि उनका नाम एपस्टीन फाइल्स में है। मैं हरदीप पुरी से भी पूछना चाहूंगा कि उन्हें एपस्टीन से किसने मिलवाया। मुझे पता है कि उन्हें किसने मिलवाया, और हरदीप पुरी जानते हैं कि उन्हें किसने मिलवाया।

'यह सिर्फ पीएम का सरेंडर नहीं...', बोले राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि पूरी बात यह है कि मैं नहीं मानता कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल हैं, वह अमेरिका के साथ ऐसी कोई डील साइन करेंगे, जब तक उन पर कोई शिकंजा न हो। टैरिफ के लिए हमने उन्हें अपना डाटा दे दिया। हमने डिजिटल टैक्स पर भी लिमिट लगा दी है। उन्हें 20 साल का डिजिटल टैक्स छूट दे दी है। मैं नहीं मानता कि कोई भारतीय प्रधानमंत्री ऐसा करेगा, लॉजिक ही नहीं है। यह पूरा सरेंडर है। यह एक त्रासदी है क्योंकि यह सिर्फ पीएम का सरेंडर नहीं है, यह 1.5 अरब भारतीयों के भविष्य का सरेंडर है। वह भाजपा के वित्तीय ढांचे को बचाना चाहते हैं। मैंने जितने भी आरोप लगाए हैं, उनका सत्यापन तुरंत कर दूंगा। इसका सबूत अमेरिका के न्याय मंत्रालय की तरफ से रिलीज की गई फाइल्स में हैं। उनमें हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी का नाम है।



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अमेरिका के दबदबे को चुनौती
संसद में राहुल गांधी ने कहा, 'मैं आर्थिक सर्वे देख रहा था और मुझे उसमें दो बातें मिलीं, ठोस बातें, गहरी बातें जो मुझे पसंद आईं। पहली बात कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक टकराव बढ़ रहा है। अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस, और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं। दूसरी बात यह है कि हम ऊर्जा और वित्तीय हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं। वे यहां जो मुख्य बात कह रहे हैं, वह यह है कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं।

भारत के हितों से समझौता किया, राहुल का आरोप
राहुल गांधी ने दावों पर कहा कि मेरे पास अपने आरोपों का सत्यापन करने के लिए यहीं पर कागजात मौजूद हैं। मैं इन्हें पेश कर सकता हूं। मंत्रीजी ने मुझसे कहा है कि मैं सबूत पेश करूं, लेकिन आप (स्पीकर) मुझे करने नहीं दे रहे। भारत को बेच दिया गया है। भारत का डाटा बेच दिया गया है। किसानों के हितों को बेच दिया गया है। हमारे सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, बिजनेसों और हमारे सुरक्षाबलों और ऊर्जा हितों को बेच दिया गया है।

बजट में आज की चुनौतियों पर बात ही नहीं
राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि  इस वक्त दुनिया के पास डाटा के दो पूल हैं- भारत का डाटा पूल (1.4 अरब लोगों का) और चीन (वहां भी इतनी ही जनसंख्या है)। यानी हम डाटा के मामले में ताकतवर हैं। हमारी दूसरी ताकत हैं हमारे किसान, जो खाना देते हैं। हमारे पास खाना प्रचुर मात्रा में है। तीसरा- हमें देश को चलाने के लिए ऊर्जा की जरूरत है। इन तीनों को बचाना आधुनिक समय की सबसे बड़ी जरूरत है। बजट इन चीजों की पहचान तो करता है। वह कहता है कि हम खतरनाक समय में जा रहे हैं। वह जानता है कि भू-राजनीतिक स्थिति खतरनाक हो रही है। ऊर्जा और वित्त को हथियार बनाया जा रहा है। लेकिन बजट में इसके लिए कोई हल नहीं है। बजट सिर्फ किसी आम बजट की तरह ही है। इसमें इनकी सुरक्षा के लिए कुछ नहीं दिया गया है। बजट में आज की चुनौतियों पर बात ही नहीं है।

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