केरल के वायनाड में 2024 की भूस्खलन त्रासदी से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को 100 मकानों के निर्माण की आधारशिला रखी। यह पहल उन लोगों के लिए शुरू की गई है जिन्होंने प्राकृतिक आपदा में अपने घर, जमीन और परिजनों तक को खो दिया था। कार्यक्रम के जरिए पीड़ितों को भरोसा दिलाया गया कि पुनर्निर्माण की लड़ाई में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
राहुल गांधी ने मुंडक्कई और चूरलमाला इलाके के भूस्खलन प्रभावित परिवारों से मुलाकात करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है बल्कि लंबे समय तक साथ निभाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वायनाड उनके लिए परिवार जैसा है और जरूरत पड़ने पर कांग्रेस लगातार लोगों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने माना कि मकानों के निर्माण में जमीन, अनुमति और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी कई जटिलताएं थीं, लेकिन अब उम्मीद है कि परियोजना तेजी से पूरी होगी।
पीड़ित परिवारों को मिलेंगे सुरक्षित और स्थायी घर
कांग्रेस की ओर से बनाए जा रहे 100 मकानों में हर घर करीब 1100 वर्ग फुट का होगा और प्रत्येक परिवार को लगभग 8 सेंट जमीन दी जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य सिर्फ छत देना नहीं बल्कि लोगों को सम्मान के साथ नई शुरुआत का मौका देना है। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में दो बड़ी भूस्खलन घटनाएं देखी हैं और हर बार लोगों ने कठिन हालात में भी साहस और एकजुटता दिखाई। उन्होंने पीड़ितों से कहा कि उन्होंने बहुत कुछ खोया है, लेकिन उनका हौसला और इंसानियत अब भी मजबूत है।
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प्रियंका गांधी ने उठाई पुनर्वास में देरी की बात
कार्यक्रम में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्होंने भूस्खलन के बाद लोगों की पीड़ा को करीब से महसूस किया है। कई परिवार पूरी तरह टूट गए और खेती तथा आजीविका खत्म हो गई। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसदों ने संसद में बार-बार वायनाड के लोगों की आवाज उठाई। गृह मंत्री से मुलाकात कर इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की गई। प्रधानमंत्री को पत्र लिखे गए और संसद के बाहर प्रदर्शन भी किए गए ताकि राहत और पुनर्वास प्रक्रिया तेज हो सके।
एकजुटता बनी सबसे बड़ी ताकत
प्रियंका गांधी ने कहा कि त्रासदी के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात लोगों की हिम्मत और एकता रही। धर्म और समाज से ऊपर उठकर लोगों ने एक-दूसरे की मदद की। उन्होंने कहा कि हादसे के समय वह सांसद नहीं थीं, लेकिन अब खुद को यहां की बेटी और परिवार का हिस्सा मानती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुनर्वास कार्य में अलग-अलग राजनीतिक दलों ने योगदान दिया है और लोगों की लड़ाई खत्म होने तक कांग्रेस उनके साथ खड़ी रहेगी।
दुकान गंवाने वालों को आर्थिक मदद
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भूस्खलन में अपनी दुकानें खोने वाले 40 लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। इस मौके पर कांग्रेस और यूडीएफ के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया लंबी जरूर है, लेकिन लक्ष्य प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन में वापस लाना है। वायनाड में शुरू हुआ यह आवास निर्माण अभियान आपदा के बाद उम्मीद, पुनर्निर्माण और भरोसे की नई शुरुआत माना जा रहा है।
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