कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी पहले से तय घोषणा के तहत कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने की तैयारी कर ली है। वह 31 अगस्त को इस पवित्र स्थल की यात्रा के लिए रवाना होंगे। इससे विपक्षी दलों के वे आरोप भी खत्म हो जाएंगे, जिसमें इस यात्रा की बात को महज पब्लिसिटी स्टंट बताया जाता रहा है।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल की यात्रा करीब 12-13 दिन होगी। सरकारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से ये सार्वजनिक नहीं किया गया है कि वे चीन या नेपाल में से कौन सा रास्ता चुनेंगे।
दरअसल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान दिल्ली से बंगलूरू जाते समय राहुल के स्टेट प्लेन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। राहुल ने इसके बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की रैली में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा का संकल्प लिया है।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इसके लिए 15 दिनों की छुट्टी भी मांगी। लेकिन मानसरोवर यात्रा के पंजीकरण शुरू होने पर भाजपा ने राहुल के आवेदन नहीं करने को लेकर सवाल खड़े किए थे। हालांकि विदेश मंत्रालय ने यह कहकर मामला खत्म कर दिया था कि राहुल सांसद होने के नाते विशेष श्रेणी में आते हैं।