कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा को चुनावों में चित करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभामंडल से मुकाबला करने के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम समेत पार्टी के महासचिवों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर रहे हैं। इसके केंद्र बिंदु में आठ नवंबर को नोटबंदी के एक साल पूरा होने पर इसे प्रभावी तरीके से काला दिवस के रूप में मनाना, गुजरात-हिमाचल चुनाव में सफलता हासिल करना, भावी राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा शामिल है।
काला दिवस को सफल बनाना मुख्य प्राथमिकता
कांग्रेस को इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में स्थितियां अपने अनुरूप नजर आ रही हैं, इसलिए कांग्रेस कोई भी अवसर खोने के मूड में नहीं है। वहीं भाजपा के तेवर सख्त हो रहे हैं। ऐसे में गुजरात विधानसभा चुनाव को विकास बनाम मोदी और गुजरात सरकार बनाए रखना या फिर भाजपा के वोटों के ध्रुवीकरण के प्रयास को निष्फल करने की रणनीति तैयार करना, काफी अहम है। इसे ध्यान में रखकर नोटबंदी का विरोध करने के लिए आठ नवंबर को प्रस्तावित काला दिवस को सफल बनाना मुख्य प्राथमिकता में शामिल है।
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समझा जा रहा है कि कांग्रेस काला दिवस का सडक़ से लेकर संसद तक विरोध करेगी। पार्टी नोटबंदी के फैसले को मोदी मेड डिजास्टर (एमएमडी) साबित करना चाहती है। उसका यह विरोध सफल अर्थशास्त्री के रूप में देश का विश्वास हासिल कर चुके पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम को आगे रखकर होगा।