कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने घर की लड़ाई जीत ली है। उनके समर्थक चाहते थे कि वह कांग्रेस के सबसे ज्यादा फॉलो करने वाले नेता बने और अब उन्होंने ऐसा मुमकिन कर दिया है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक शशि थरूर को हराकर ट्विटर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले कांग्रेस नेता का तमगा हासिल कर लिया है।
राहुल को ट्विटर पर फॉलो किए जाने वाले लोगों की संख्या 6.77 मिलियन हो गई है जबकि थरूर के फॉलोवर्स की संख्या 6.7 मिलियन है। हालांकि बहुत से लोगों का मानना है कि उनके बदलते तेवर और गतिशील गतिविधियां ही उन्हें और ज्यादा फॉलोवर्स दिला सकती हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और तटस्थ पर्यवेक्षकों का मानना है कि पार्टी का अध्यक्ष होने के बावजूद अपने साथियों की तुलना में राहुल का सोशल मीडिया पर कम सक्रिय रहना परेशान होने के लिए बाध्य करता है।
ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी पार्टी के नेता की भागीदारी के अंतर्गत आते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अनुसार पार्टी प्रमुख के अपने साथियों की तुलना में सबसे ज्यादा फॉलोवर्स होने चाहिए। यह लोगों के बीच उसकी लोकप्रियता को मापने का एक पैरामीटर है। यह आम धारणा में महत्वपूर्ण है। इस मामले पर थरूर का कहना है कि यह खुशी की बात है। मैं भी उन लोगों में एक हूं जो सालों से उन्हें ट्विटर पर आने का आग्रह कर रहा हूं। अब चूंकि वह खुद ट्विटर पर आ गए हैं तो मुझे निष्ठा की एक भावना महसूस हो रही है।
कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड दिव्या स्पंदना का कहना है कि राहुल केवल ट्विटर पर ही नहीं बल्कि दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि फेसबुक पर तेजी से बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि इसके पीछे उनका लोगों के साथ तेजी से बढ़ता अनुनाद है। राहुल जिन मुद्दों को उठा रहे हैं वह लोगों से जुड़े हुए हैं। वह एक ऐसे शख्स हैं जो पूरी शक्ति से सच्चाई बोल रहे हैं। सड़कों पर भ्रम फैला हुआ है और वह जनता को समझने वाले एकमात्र व्यक्ति हैं।